Davis Cup: Dakshineswar Suresh ने निर्णायक मैच जीता, Netherlands को हराकर भारत अगले दौर में

Davis Cup: Dakshineswar Suresh ने निर्णायक मैच जीता, Netherlands को हराकर भारत अगले दौर में

दक्षिणेश्वर सुरेश ने यादगार प्रदर्शन करते हुए निर्णायक पांचवां मुकाबला अपने नाम कर भारत को रविवार को डेविस कप में नीदरलैंड पर 3 . 2 से जीत दिलाई जिससे भारत ने क्वालीफायर्स के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया।
दूसरी बार डेविस कप खेल रहे 25 वर्ष के दक्षिणेश्वर ने दोनों एकल मुकाबले और युकी भांबरी के साथ युगल मुकाबला जीता जिससे लिएंडर पेस के 2004 में जापान के खिलाफ किये गए चमत्कारिक प्रदर्शन की याद जाता हो गई।
पेस ने उस समय दोनों एकल और एक युगल मैच जीतकर अकेले दम पर भारत को जीत दिलाई थी।
इसके बाईस साल बाद विश्व रैंकिंग में 465वें स्थान पर काबिज दक्षिणेश्वर ने उसी तरह का यादगार प्रदर्शन करते हुए पांचवें मुकाबले में गाय डि ओडेन को 6 . 4, 7 . 6 से हराया।
मुकाबला जीतते ही दक्षिणेश्वर पीठ के बल लेट गए और सारे साथी खिलाड़ी उन्हें गले लगाने दौड़ पड़े। भारतीय टीम ने उन्हें कंधे पर उठा लिया।
भारत ने इससे पहले पिछले साल स्विटरजलैंड को उसकी धरती पर हराया था।
नीदरलैंड अपने दो शीर्ष एकल खिलाड़ियों टालोन ग्रीकस्पूर (विश्व रैंकिंग 29) और बोटिच वान डे जैंडशल्प (67) के बिना आया था।
भारत ने 2019 में डेविस कप का नया प्रारूप शुरू होने के बाद से पहली बाद क्वालीफायर्स के दूसरे दौर में जगह बनाई है। अगले दौर में उसका सामना कोरिया से हो सकता है।
इससे पहले युकी भांबरी और दक्षिणेश्वर सुरेश ने मैराथन युगल मुकाबला जीता लेकिन उलट एकल में सुमित नागल के हारने के बाद पांचवां मैच निर्णायक हो गया था।
नागल एक सेट जीतने के बाद दुनिया के 88वें नंबर के खिलाड़ी जेस्पर डि जोंग से करीब तीन घंटे तक मुकाबला 7 . 5, 1 . 6, 4 . 6 से हार गए।
इससे पहले युगल मुकाबले में दक्षिणेश्वर और भांबरी ने डेविड पेल और सैंडर एरेंड्स को 7 . 6, 3 . 6, 7 . 6 से हराकर भारत को 2 . 1 से बढत दिला दी थी।
तीन घंटे तक चले बराबरी के मुकाबले में एन श्रीराम बालाजी की जगह दक्षिणेश्वर को उतारने का भारतीय कप्तान रोहित राजपाल का फैसला सटीक साबित हुआ।
दोनों टीमों के लिये यह अहम मुकाबला था क्योंकि कल स्कोर 1 . 1 से बराबर था।
भाम्बरी की सर्विस पर लगातार दबाव था खासकर सातवें गेम में जब उनकी पहली सर्विस कमजोर पड़ गई थी। जब स्कोर 30.30 से बराबर था तब एक ‘डबल फॉल्ट’ से नीदरलैंड को ब्रेक प्वाइंट मिला लेकिन भाम्बरी ने सटीक रिटर्न से जवाब देकर खतरे को टाल दिया।
इसके बाद दक्षिणेश्वर बैकहैंड वॉली पर गेम प्वाइंट बनाने से चूक गए और एरेंड्स के स्मैश से डच टीम को फिर बढत बनाने का मौका मिला।
इस खतरे को भी भारतीय जोड़ी ने टाल दिया। इसके बाद लंबी रिटर्न पर एरेंड्स से चूक गई और यह लंबा गेम खत्म हुआ।
अगले गेम में भारत को पहला ब्रेक प्वाइंट बनाने का मौका मिला लेकिन डच जोड़ी ने बचाव कर लिया। भारतीय जोड़ी को पांच ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने एक भी भुनाने नहीं दिया।
सेट टाइब्रेकर में खिंचने के बाद भांबरी और दक्षिणेश्वर ने 4 . 0 की बढत बना ली और एक भी अंक गंवाये बिना इसे खत्म किया।
दूसरे सेट में हालांकि डच टीम भारी पड़ी। पेल ने तीसरे गेम में दो ‘डबल फॉल्ट’ किये लेकिन भारतीय जोड़ी इसका फायदा नहीं उठा सकी। वहीं भांबरी के ‘डबल फॉल्ट’ पर नीदरलैंड ने अहम मौका बनाया जिसे एरेंड्स ने रिटर्न विनर लगाकर 4 . 2 की बढत बना ली। पेल ने सर्विस बरकरार रखते हुए दूसरा सेट झोली में डाला।
तीसरे सेट में भारतीय जोड़ी ने खासकर दक्षिणेश्वर ने दबाव के क्षणों में संयम बनाये रखकर खेला और जीत दर्ज की। 

दक्षिणेश्वर सुरेश ने यादगार प्रदर्शन करते हुए निर्णायक पांचवां मुकाबला अपने नाम कर भारत को रविवार को डेविस कप में नीदरलैंड पर 3 . 2 से जीत दिलाई जिससे भारत ने क्वालीफायर्स के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया।
दूसरी बार डेविस कप खेल रहे 25 वर्ष के दक्षिणेश्वर ने दोनों एकल मुकाबले और युकी भांबरी के साथ युगल मुकाबला जीता जिससे लिएंडर पेस के 2004 में जापान के खिलाफ किये गए चमत्कारिक प्रदर्शन की याद जाता हो गई।
पेस ने उस समय दोनों एकल और एक युगल मैच जीतकर अकेले दम पर भारत को जीत दिलाई थी।

इसके बाईस साल बाद विश्व रैंकिंग में 465वें स्थान पर काबिज दक्षिणेश्वर ने उसी तरह का यादगार प्रदर्शन करते हुए पांचवें मुकाबले में गाय डि ओडेन को 6 . 4, 7 . 6 से हराया।
मुकाबला जीतते ही दक्षिणेश्वर पीठ के बल लेट गए और सारे साथी खिलाड़ी उन्हें गले लगाने दौड़ पड़े। भारतीय टीम ने उन्हें कंधे पर उठा लिया।
भारत ने इससे पहले पिछले साल स्विटरजलैंड को उसकी धरती पर हराया था।
नीदरलैंड अपने दो शीर्ष एकल खिलाड़ियों टालोन ग्रीकस्पूर (विश्व रैंकिंग 29) और बोटिच वान डे जैंडशल्प (67) के बिना आया था।
भारत ने 2019 में डेविस कप का नया प्रारूप शुरू होने के बाद से पहली बाद क्वालीफायर्स के दूसरे दौर में जगह बनाई है। अगले दौर में उसका सामना कोरिया से हो सकता है।

इससे पहले युकी भांबरी और दक्षिणेश्वर सुरेश ने मैराथन युगल मुकाबला जीता लेकिन उलट एकल में सुमित नागल के हारने के बाद पांचवां मैच निर्णायक हो गया था।
नागल एक सेट जीतने के बाद दुनिया के 88वें नंबर के खिलाड़ी जेस्पर डि जोंग से करीब तीन घंटे तक मुकाबला 7 . 5, 1 . 6, 4 . 6 से हार गए।
इससे पहले युगल मुकाबले में दक्षिणेश्वर और भांबरी ने डेविड पेल और सैंडर एरेंड्स को 7 . 6, 3 . 6, 7 . 6 से हराकर भारत को 2 . 1 से बढत दिला दी थी।
तीन घंटे तक चले बराबरी के मुकाबले में एन श्रीराम बालाजी की जगह दक्षिणेश्वर को उतारने का भारतीय कप्तान रोहित राजपाल का फैसला सटीक साबित हुआ।
दोनों टीमों के लिये यह अहम मुकाबला था क्योंकि कल स्कोर 1 . 1 से बराबर था।
भाम्बरी की सर्विस पर लगातार दबाव था खासकर सातवें गेम में जब उनकी पहली सर्विस कमजोर पड़ गई थी। जब स्कोर 30.30 से बराबर था तब एक ‘डबल फॉल्ट’ से नीदरलैंड को ब्रेक प्वाइंट मिला लेकिन भाम्बरी ने सटीक रिटर्न से जवाब देकर खतरे को टाल दिया।
इसके बाद दक्षिणेश्वर बैकहैंड वॉली पर गेम प्वाइंट बनाने से चूक गए और एरेंड्स के स्मैश से डच टीम को फिर बढत बनाने का मौका मिला।
इस खतरे को भी भारतीय जोड़ी ने टाल दिया। इसके बाद लंबी रिटर्न पर एरेंड्स से चूक गई और यह लंबा गेम खत्म हुआ।
अगले गेम में भारत को पहला ब्रेक प्वाइंट बनाने का मौका मिला लेकिन डच जोड़ी ने बचाव कर लिया।

भारतीय जोड़ी को पांच ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने एक भी भुनाने नहीं दिया।
सेट टाइब्रेकर में खिंचने के बाद भांबरी और दक्षिणेश्वर ने 4 . 0 की बढत बना ली और एक भी अंक गंवाये बिना इसे खत्म किया।
दूसरे सेट में हालांकि डच टीम भारी पड़ी। पेल ने तीसरे गेम में दो ‘डबल फॉल्ट’ किये लेकिन भारतीय जोड़ी इसका फायदा नहीं उठा सकी। वहीं भांबरी के ‘डबल फॉल्ट’ पर नीदरलैंड ने अहम मौका बनाया जिसे एरेंड्स ने रिटर्न विनर लगाकर 4 . 2 की बढत बना ली। पेल ने सर्विस बरकरार रखते हुए दूसरा सेट झोली में डाला।
तीसरे सेट में भारतीय जोड़ी ने खासकर दक्षिणेश्वर ने दबाव के क्षणों में संयम बनाये रखकर खेला और जीत दर्ज की।

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