बाप के हत्यारोपी बेटे के खिलाफ बेटी बनेगी सरकारी गवाह:लखनऊ पुलिस से बोली- मर्डर की असल भाई बता सकता है

बाप के हत्यारोपी बेटे के खिलाफ बेटी बनेगी सरकारी गवाह:लखनऊ पुलिस से बोली- मर्डर की असल भाई बता सकता है

लखनऊ में पैथालॉजी मालिक मानवेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के मामले में आशियाना पुलिस मृतक की बेटी कृति को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी में है। घटना के समय कमरे में मौजूद रहने के कारण कृति को इस हत्याकांड का अहम गवाह माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, बेटी ने पूछताछ में बताया कि पिता के मरने की असली वजह भाई अक्षत प्रताप ही बता सकता है। …क्योंकि जब उसने गोली चलाई तब मेरी आंख खुली। मैं रोने लगी तो मुझसे बोला चुप हो जाओ नहीं तो तुम्हें भी मार दूंगा। 19 और 20 फरवरी की रात के बाद से कृति भाई को बचाने के लिए सच को छिपाती रही थी। कमरे में मौजूद थी कृति, पुलिस ने पूछे अहम सवाल 20 फरवरी की सुबह 4:30 बजे आरोपी अक्षत ने राइफल से अपने पिता मानवेंद्र सिंह को गोली मार दी थी। घटना के वक्त कृति उसी कमरे में मौजूद थी और गोली की आवाज से उसकी नींद खुल गई थी। पुलिस ने कृति से विस्तार से पूछताछ की है। उससे यह जानने की कोशिश की गई कि गोली चलने के बाद उसने क्या देखा, राइफल कहां पड़ी थी, और आरोपी अक्षत किस स्थिति में था। पुलिस ने यह भी पूछा कि अक्षत ने उसे किस तरह धमकाकर कमरे में बंद किया। इन बयानों को केस की कड़ी मानते हुए विवेचक बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हाई प्रोफाइल और संवेदनशील मामले को देखते हुए पुलिस वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को मजबूत करने में जुटी है, ताकि अदालत में ठोस पैरवी की जा सके। राइफल और कारतूस फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के तहत आशियाना पुलिस ने घटना में इस्तेमाल राइफल, मौके से बरामद खोखा, कारतूस और मैग्जीन को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ यह पुष्टि करेंगे कि बरामद असलहे से ही गोली चलाई गई या नहीं। यह रिपोर्ट केस डायरी का अहम हिस्सा बनेगी और अभियोजन पक्ष के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी। पुलिस का कहना है कि तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद कई तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे। कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस इंस्पेक्टर आशियाना छत्रपाल सिंह के मुताबिक, आरोपी अक्षत के मोबाइल की कॉल डिटेल्स मंगवाई गई हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में किसी और की भूमिका तो नहीं थी। कॉल रिकॉर्ड से संभावित साजिश या सहयोगियों का सुराग मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा जिस रास्ते से आरोपी पिता के हाथ-पैर ठिकाने लगाने गया था, उन मार्गों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को केस की कड़ी से जोड़कर पूरी घटनाक्रम की शृंखला स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है। ————————————— इससे संबंधित खबरें भी पढ़िए… भास्कर एक्सक्लूसिव – पिता का धड़ ठिकाने लगाने के लिए यूट्यूब देखा : कार में आ जाए, ऐसा नीला ड्रम लाया; लखनऊ में बाप-बेटे के बिगड़े रिश्ते का सच लखनऊ में जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक की हत्या मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह की हत्या करने के बाद बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने लाश ठिकाने लगाने के लिए यूट्यूब पर कई वीडियो देखे। (पूरी खबर पढ़िए)

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