वाराणसी: चंद्र ग्रहण को लेकर दशाश्वामेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के समय में बदलाव किया गया। यह आरती ग्रहण के मोक्ष कल के बाद अपने तय समय से 1 घंटे से ज्यादा की देरी से शुरू हुई। यह छठवीं बार है जब गंगा आरती के समय में ग्रहण के चलते बदलाव किया गया। इस आरती में शामिल होने के लिए सैकड़ो श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ग्रहण के कारण मंदिर के कपाट भी रहे बंद
धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी के दशाश्वामेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती के समय में ग्रहण के कारण बदलाव किया गया। यह आरती अपने तय समय शाम 6:15 से 1.15 घंटे की देरी से ग्रहण के मोक्ष काल के बाद शाम 7:30 पर शुरू हुई। इससे पहले वाराणसी में ग्रहण को देखते हुए सूतक काल शुरू होने से पहले ही मंदिरों को बंद कर दिया गया था। इसके साथ ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए गए, जो मोक्ष काल के बाद खोले गए।
क्या बोले आयोजक
दैनिक संध्या गंगा आरती करने वाली संस्था गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 पर लगा और शाम 6:46 पर इसका समापन हुआ। उन्होंने बताया कि इसी कारण मां गंगा की होने वाली आरती के समय में बदलाव किया गया। साल 2025 में भी चंद्र ग्रहण के कारण 7 सितंबर को आरती के समय में बदलाव किया गया था और यह आरती दोपहर में हुई थी।
कब-कब बदला गया समय
सुशांत मिश्रा ने बताया कि 28 अक्टूबर 2023, 16 जुलाई 2019, 27 जुलाई 2018 और 7 अगस्त 2017 को भी चंद्र ग्रहण लगा था, जिसके कारण गंगा आरती के समय में बदलाव किया गया था। सुशांत ने बताया कि गंगा आरती की शुरुआत 1991 से हुई है और अब तक 6 बार ग्रहण के कारण आरती के समय में बदलाव किया जा चुका है। गौरतलब है कि इस आरती में शामिल होने के लिए देश और विदेश से श्रद्धालु दशाश्वामेध घाट पहुंचते हैं।


