कानपुर में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के मूल अवशेषों के दर्शन:बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में उमड़ा आस्था का सैलाब; ‘हर-हर महादेव’ से गूंजा परिसर

कानपुर में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के मूल अवशेषों के दर्शन:बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में उमड़ा आस्था का सैलाब; ‘हर-हर महादेव’ से गूंजा परिसर

शहर के बेनाझाबर स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में बुधवार को भक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। मौका था सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के मूल अवशेषों के दर्शन का, जिसके लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से आयोजित इस खास कार्यक्रम में भक्तों ने न केवल पावन अवशेषों के दर्शन किए, बल्कि प्राचीन खंडित शिवलिंग की पुनर्स्थापना का संकल्प भी लिया। जैसे ही अवशेषों का रथ परिसर में पहुंचा, पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान हो गया। श्रद्धालु अपने आराध्य के इन पवित्र अंशों की एक झलक पाने के लिए आतुर दिखे। झांसी से कानपुर पहुंची देशव्यापी यात्रा सोमनाथ मंदिर के इन पवित्र अवशेषों की यह यात्रा एक बड़े संकल्प का हिस्सा है। संस्था के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर द्वारा सोमनाथ मंदिर में लिए गए संकल्प के बाद इन अवशेषों को देशव्यापी यात्रा पर निकाला गया है। यह यात्रा देश के विभिन्न हिस्सों से होते हुए और लोगों को जागरूक करते हुए आगे बढ़ रही है। बुधवार को यह पावन यात्रा झांसी से चलकर कानपुर पहुंची, जहां स्थानीय लोगों ने पूरे उत्साह और गाजे-बाजे के साथ इसका स्वागत किया। पुनर्स्थापना के संकल्प से जुड़े श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचे भक्तों के बीच केवल दर्शन की ही होड़ नहीं थी, बल्कि अपनी विरासत को सहेजने का जज्बा भी साफ दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ सोमनाथ के इन प्राचीन अवशेषों के सामने सिर झुकाया और प्राचीन खंडित शिवलिंग की पुनर्स्थापना के कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रण लिया। लोगों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली संस्कृति और इतिहास को करीब से जानने का मौका मिलता है। आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा पूरा परिसर
बीएनएसडी शिक्षा निकेतन का परिसर बुधवार को किसी शिवालय की तरह नजर आ रहा था। फूलों की सजावट और धूप-दीप की खुशबू के बीच श्रद्धालु कतारबद्ध होकर दर्शन करते रहे। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए वालंटियर्स भी मुस्तैद रहे। दर्शन के लिए आए बुजुर्गों और महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई भक्तों ने कहा कि सोमनाथ जाना हर किसी के लिए तुरंत संभव नहीं होता, लेकिन शहर में ही इन मूल अवशेषों के दर्शन प्राप्त होना किसी सौभाग्य से कम नहीं है।

देशभर में घूम रही है यह पावन धरोहर
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के ये अवशेष अपनी यात्रा के दौरान जिस भी शहर में जा रहे हैं, वहां का माहौल शिवमय हो रहा है। कानपुर में दर्शन का यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यह साफ था कि धर्म और आस्था के प्रति लोगों का जुड़ाव आज भी बेहद गहरा है। अब यह यात्रा अपने अगले गंतव्य की ओर प्रस्थान करेगी, जहां अन्य शहरों के लोग भी इन ऐतिहासिक और धार्मिक अवशेषों के साक्षी बन सकेंगे।

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