दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना प्रभारी अंकित चौधरी, एसआई मनोज शर्मा, महिला एसआई अंशु कुमारी पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगा है। इस संबंध में स्थानीय व्यवसायी आनंद कुमार खेतान ने एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी से लिखित शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे गाड़ी के चालान के संबंध में जानकारी लेने थाना पहुंचा था। उस समय थानाध्यक्ष मौजूद नहीं थे, इसलिए उन्होंने महिला एसआई अंशु कुमारी से जानकारी ली। आरोप है कि बातचीत के दौरान महिला एसआई आवेश में आ गईं। जिसके बाद वह वापस अपने प्रतिष्ठान लौट आए। कुछ देर बाद चौकीदार से जानकारी मिली कि थानाध्यक्ष आ गए हैं, जिसके बाद फिर से पहुंचा। वहां पहुंचते ही अंशु कुमारी ने फिर से विवाद शुरू कर दिया। मेरा मोबाइल जब्त कर लिया। मोबाइल जब्त किए जाने की सूचना मिलने पर छोटा भाई सतीश खेतान भी थाना पहुंचा।
झूठा आरोप लगाकार जेल भेजने की धमकी आनंद कुमार खेतान का आरोप है कि इसके बाद एसआई मनोज शर्मा और थानाध्यक्ष अंकित चौधरी ने गाली-गलौज करते हुए दोनों भाइयों को कंप्यूटर कक्ष में ले जाकर मारपीट की, जिससे उनकी आंखों और सिर में गंभीर चोटें आईं। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें धमकी दी कि अगर शिकायत किया तो महिला एसआई के कपड़े फाड़ने का झूठा आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया जाएगा। कई घंटे बाद दोपहर 3 बजे पीआर बांड भरवाकर उन्हें छोड़ा गया। घर लौटने के बाद हालत बिगड़ने पर शाम 7:15 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुशेश्वरस्थान पहुंचकर इलाज कराया। घटना थाना परिसर और कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई होगी। पीड़ित ने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।ॉ जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने इस संबंध में बताया कि बिरौल एसडीपीओ को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद कार्रवाई किया जाएगा।
पहले भी लग चुके हैं आरोप कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष अंकित कुमार चौधरी के खिलाफ इससे पहले भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। स्थानीय निवासी राजेश शर्मा ने डीआईजी और एसपी को आवेदन सौंपकर थानाध्यक्ष पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और जबरन कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। राजेश शर्मा ने अपने आवेदन में बताया था कि 7 नवंबर 2025 को कांड संख्या 163/24 में जमानत लेकर स्लिप थानाध्यक्ष के हाथ में सौंप दी गई थी। इसके बावजूद 29 नवंबर की रात करीब 12 बजे थानाध्यक्ष उनके घर पहुंचे और बल प्रयोग कर दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान थानाध्यक्ष और उनके साथ आए पुलिसकर्मियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पूरे परिवार के साथ गाली-गलौज की, जिसमें महिलाएं भी शामिल थी। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि जिस मामले में पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी, उसमें एक महिला आरोपी भी थी, लेकिन कार्रवाई के दौरान पुलिस दल में कोई भी महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। परिवार के साथ ऐसा व्यवहार किया, मानो किसी गंभीर अपराध या आतंकवाद से जुड़े मामले में कार्रवाई की जा रही हो। राजेश शर्मा के अनुसार, इस घटना से आर्थिक और सामाजिक नुकसान झेलना पड़ा। मानसिक प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने इस मामले में थानाध्यक्ष पर कानूनी कार्रवाई की मांग डीआईजी और एसएसपी से की थी। दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना प्रभारी अंकित चौधरी, एसआई मनोज शर्मा, महिला एसआई अंशु कुमारी पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगा है। इस संबंध में स्थानीय व्यवसायी आनंद कुमार खेतान ने एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी से लिखित शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे गाड़ी के चालान के संबंध में जानकारी लेने थाना पहुंचा था। उस समय थानाध्यक्ष मौजूद नहीं थे, इसलिए उन्होंने महिला एसआई अंशु कुमारी से जानकारी ली। आरोप है कि बातचीत के दौरान महिला एसआई आवेश में आ गईं। जिसके बाद वह वापस अपने प्रतिष्ठान लौट आए। कुछ देर बाद चौकीदार से जानकारी मिली कि थानाध्यक्ष आ गए हैं, जिसके बाद फिर से पहुंचा। वहां पहुंचते ही अंशु कुमारी ने फिर से विवाद शुरू कर दिया। मेरा मोबाइल जब्त कर लिया। मोबाइल जब्त किए जाने की सूचना मिलने पर छोटा भाई सतीश खेतान भी थाना पहुंचा।
झूठा आरोप लगाकार जेल भेजने की धमकी आनंद कुमार खेतान का आरोप है कि इसके बाद एसआई मनोज शर्मा और थानाध्यक्ष अंकित चौधरी ने गाली-गलौज करते हुए दोनों भाइयों को कंप्यूटर कक्ष में ले जाकर मारपीट की, जिससे उनकी आंखों और सिर में गंभीर चोटें आईं। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें धमकी दी कि अगर शिकायत किया तो महिला एसआई के कपड़े फाड़ने का झूठा आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया जाएगा। कई घंटे बाद दोपहर 3 बजे पीआर बांड भरवाकर उन्हें छोड़ा गया। घर लौटने के बाद हालत बिगड़ने पर शाम 7:15 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुशेश्वरस्थान पहुंचकर इलाज कराया। घटना थाना परिसर और कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई होगी। पीड़ित ने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।ॉ जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने इस संबंध में बताया कि बिरौल एसडीपीओ को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद कार्रवाई किया जाएगा।
पहले भी लग चुके हैं आरोप कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष अंकित कुमार चौधरी के खिलाफ इससे पहले भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। स्थानीय निवासी राजेश शर्मा ने डीआईजी और एसपी को आवेदन सौंपकर थानाध्यक्ष पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और जबरन कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। राजेश शर्मा ने अपने आवेदन में बताया था कि 7 नवंबर 2025 को कांड संख्या 163/24 में जमानत लेकर स्लिप थानाध्यक्ष के हाथ में सौंप दी गई थी। इसके बावजूद 29 नवंबर की रात करीब 12 बजे थानाध्यक्ष उनके घर पहुंचे और बल प्रयोग कर दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान थानाध्यक्ष और उनके साथ आए पुलिसकर्मियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पूरे परिवार के साथ गाली-गलौज की, जिसमें महिलाएं भी शामिल थी। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि जिस मामले में पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी, उसमें एक महिला आरोपी भी थी, लेकिन कार्रवाई के दौरान पुलिस दल में कोई भी महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। परिवार के साथ ऐसा व्यवहार किया, मानो किसी गंभीर अपराध या आतंकवाद से जुड़े मामले में कार्रवाई की जा रही हो। राजेश शर्मा के अनुसार, इस घटना से आर्थिक और सामाजिक नुकसान झेलना पड़ा। मानसिक प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने इस मामले में थानाध्यक्ष पर कानूनी कार्रवाई की मांग डीआईजी और एसएसपी से की थी।


