दरभंगा शहर के विकास के लए नगर निगम वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट आज सदन में पेश करेगा। प्रस्तावित बजट के अनुसार निगम आय से अधिक व्यय की योजना बना रहा है, जिससे इसे घाटे का बजट माना जा रहा है। बजट को लेकर पार्षदों और शहरवासियों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रस्तावित आंकड़ों के मुताबिक नगर निगम के पास प्रारंभिक शेष राशि 1,30,50,17,301 रुपए है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित आय 10,90,96,46,000 रुपए निर्धारित की गई है, जबकि विभिन्न योजनाओं और प्रशासनिक मदों पर कुल खर्च 12,15,77,10,000 रुपए प्रस्तावित है। इस तरह आय और व्यय के बीच करीब 1.24 अरब रुपए का अंतर सामने आ रहा है।
विकास और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि बजट में शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत स्मार्ट वार्ड योजना, शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सुविधाएं, जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निगम अपने आय के स्रोतों को मजबूत नहीं करता है तो भविष्य में वित्तीय दबाव बढ़ सकता है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि उपलब्ध संसाधनों और संभावित आय स्रोतों के आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। नगर निगम की बैठक में बजट पेश होने के बाद इस पर विस्तृत चर्चा होगी। विभिन्न मदों को लेकर पार्षदों की ओर से सवाल उठाए जाने और सदन में जोरदार बहस की संभावना जताई जा रही है।
मंगलवार को बजट पेश होना था नगर निगम की उपमहापौर नाजिया हसन ने बताया कि पूर्व पार्षद के आकस्मिक निधन से निगम परिसर में शोक की लहर है। दिवंगत के सम्मान में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की ओर से 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कहा कि मंगलवार को नगर निगम का बजट पेश किया जाना था, लेकिन शोक के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। अब बजट को लेकर बैठक कल बुधवार को फिर से नगर निगम परिसर में आयोजित की जाएगी।
उपमहापौर ने बताया कि बैठक में बजट पर विस्तार से चर्चा करते हुए उसे प्रस्तुत किया जाएगा। दरभंगा शहर के विकास के लए नगर निगम वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट आज सदन में पेश करेगा। प्रस्तावित बजट के अनुसार निगम आय से अधिक व्यय की योजना बना रहा है, जिससे इसे घाटे का बजट माना जा रहा है। बजट को लेकर पार्षदों और शहरवासियों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रस्तावित आंकड़ों के मुताबिक नगर निगम के पास प्रारंभिक शेष राशि 1,30,50,17,301 रुपए है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित आय 10,90,96,46,000 रुपए निर्धारित की गई है, जबकि विभिन्न योजनाओं और प्रशासनिक मदों पर कुल खर्च 12,15,77,10,000 रुपए प्रस्तावित है। इस तरह आय और व्यय के बीच करीब 1.24 अरब रुपए का अंतर सामने आ रहा है।
विकास और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि बजट में शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत स्मार्ट वार्ड योजना, शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सुविधाएं, जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निगम अपने आय के स्रोतों को मजबूत नहीं करता है तो भविष्य में वित्तीय दबाव बढ़ सकता है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि उपलब्ध संसाधनों और संभावित आय स्रोतों के आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। नगर निगम की बैठक में बजट पेश होने के बाद इस पर विस्तृत चर्चा होगी। विभिन्न मदों को लेकर पार्षदों की ओर से सवाल उठाए जाने और सदन में जोरदार बहस की संभावना जताई जा रही है।
मंगलवार को बजट पेश होना था नगर निगम की उपमहापौर नाजिया हसन ने बताया कि पूर्व पार्षद के आकस्मिक निधन से निगम परिसर में शोक की लहर है। दिवंगत के सम्मान में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की ओर से 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कहा कि मंगलवार को नगर निगम का बजट पेश किया जाना था, लेकिन शोक के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। अब बजट को लेकर बैठक कल बुधवार को फिर से नगर निगम परिसर में आयोजित की जाएगी।
उपमहापौर ने बताया कि बैठक में बजट पर विस्तार से चर्चा करते हुए उसे प्रस्तुत किया जाएगा।


