दरभंगा जिलाधिकारी कौशल कुमार ने निर्माणाधीन AIIMS का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के निर्देश दिए। डीएम ने निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से अब तक की उपलब्धियों और शेष कार्यों की जानकारी ली। एम्स परिसर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को 24 हजार वर्ग फीट भूमि चिन्हित कर दी गई है। वहीं पेयजल आपूर्ति के लिए पीएचईडी को भी आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है। 5.4 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण काम एम्स परिसर की 5.4 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा रिंग बांध एवं फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि एम्स दरभंगा के निर्माण से न केवल दरभंगा बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों को 24 घंटे उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। निरीक्षण के दौरान सड़क, जलापूर्ति, विद्युत आपूर्ति सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य में तेजी लाने और नियमित समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया गया। इस मौके पर उप निदेशक जनसंपर्क, पथ निर्माण विभाग, पीएचईडी, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता, भू-अर्जन पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सिंहवाड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय के नए भवन का स्थल निरीक्षण जिलाधिकारी कौशल कुमार ने सिंहवाड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय के प्रस्तावित नए भवन निर्माण स्थल का भी निरीक्षण किया। उनकी उपस्थिति में स्थल की लंबाई-चौड़ाई की मापी कराई गई तथा पुराने जर्जर भवन को नियमानुसार ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थल की भौगोलिक स्थिति, पहुंच मार्ग, जल निकासी व्यवस्था, भूमि उपलब्धता और पर्यावरणीय पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नया भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा और आम नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा, जिससे प्रखंड और अंचल स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए। इस अवसर पर अंचलाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वार्षिक माध्यमिक परीक्षा को लेकर अधिकारियों की ब्रीफिंग प्रेक्षागृह में अपर जिला दंडाधिकारी मनोज कुमार की अध्यक्षता में वार्षिक माध्यमिक (सैद्धांतिक) परीक्षा 2026 को स्वच्छ, कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर सभी केंद्राधीक्षक, स्टेटिक दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग की गई। परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक व द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। जिले में कुल 63 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें जिला मुख्यालय में 49, बेनीपुर में 5 और बिरौल अनुमंडल मुख्यालय में 9 केंद्र शामिल हैं। परीक्षा अवधि में अधिकृत कर्मियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा केंद्र परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सभी केंद्राधीक्षक एवं कर्मियों को प्रत्येक परीक्षा दिवस सुबह 7:00 बजे केंद्र पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर और आवश्यक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। केंद्राधीक्षक किसी आकस्मिक स्थिति जैसे दुर्घटना या गंभीर बीमारी की सूचना अविलंब वरीय अधिकारियों को देंगे, ताकि वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। सभी केंद्राधीक्षक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना द्वारा जारी परीक्षा संचालन मार्गदर्शिका का अक्षरश: पालन करेंगे। दरभंगा जिलाधिकारी कौशल कुमार ने निर्माणाधीन AIIMS का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के निर्देश दिए। डीएम ने निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से अब तक की उपलब्धियों और शेष कार्यों की जानकारी ली। एम्स परिसर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को 24 हजार वर्ग फीट भूमि चिन्हित कर दी गई है। वहीं पेयजल आपूर्ति के लिए पीएचईडी को भी आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है। 5.4 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण काम एम्स परिसर की 5.4 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल का निर्माण काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा रिंग बांध एवं फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि एम्स दरभंगा के निर्माण से न केवल दरभंगा बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों को 24 घंटे उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। निरीक्षण के दौरान सड़क, जलापूर्ति, विद्युत आपूर्ति सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य में तेजी लाने और नियमित समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया गया। इस मौके पर उप निदेशक जनसंपर्क, पथ निर्माण विभाग, पीएचईडी, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता, भू-अर्जन पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सिंहवाड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय के नए भवन का स्थल निरीक्षण जिलाधिकारी कौशल कुमार ने सिंहवाड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय के प्रस्तावित नए भवन निर्माण स्थल का भी निरीक्षण किया। उनकी उपस्थिति में स्थल की लंबाई-चौड़ाई की मापी कराई गई तथा पुराने जर्जर भवन को नियमानुसार ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थल की भौगोलिक स्थिति, पहुंच मार्ग, जल निकासी व्यवस्था, भूमि उपलब्धता और पर्यावरणीय पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नया भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा और आम नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा, जिससे प्रखंड और अंचल स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए। इस अवसर पर अंचलाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वार्षिक माध्यमिक परीक्षा को लेकर अधिकारियों की ब्रीफिंग प्रेक्षागृह में अपर जिला दंडाधिकारी मनोज कुमार की अध्यक्षता में वार्षिक माध्यमिक (सैद्धांतिक) परीक्षा 2026 को स्वच्छ, कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर सभी केंद्राधीक्षक, स्टेटिक दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग की गई। परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक व द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। जिले में कुल 63 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें जिला मुख्यालय में 49, बेनीपुर में 5 और बिरौल अनुमंडल मुख्यालय में 9 केंद्र शामिल हैं। परीक्षा अवधि में अधिकृत कर्मियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा केंद्र परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सभी केंद्राधीक्षक एवं कर्मियों को प्रत्येक परीक्षा दिवस सुबह 7:00 बजे केंद्र पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर और आवश्यक स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। केंद्राधीक्षक किसी आकस्मिक स्थिति जैसे दुर्घटना या गंभीर बीमारी की सूचना अविलंब वरीय अधिकारियों को देंगे, ताकि वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। सभी केंद्राधीक्षक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना द्वारा जारी परीक्षा संचालन मार्गदर्शिका का अक्षरश: पालन करेंगे।


