दमोह का गैसाबाद पुल बंद, ग्रामीणों का प्रदर्शन:बोले- 7 महीने से बड़े वाहन ठप, अब छोटे भी रोके; कलेक्टर ने दिया समाधान का आश्वासन

दमोह का गैसाबाद पुल बंद, ग्रामीणों का प्रदर्शन:बोले- 7 महीने से बड़े वाहन ठप, अब छोटे भी रोके; कलेक्टर ने दिया समाधान का आश्वासन

दमोह जिले की हटा विधानसभा के गैसाबाद में शुक्रवार को प्रशासन ने जर्जर पुल से छोटे वाहनों का निकलना बंद कर दिया। पिछले सात महीनों से इस पुल से भारी वाहनों की आवाजाही पहले ही बंद थी, लेकिन अब दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर भी रोक लगाए जाने से ग्रामीण भड़क उठे। नाराज ग्रामीणों ने पुल पर ही धरना देकर जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन से तुरंत रास्ता खोलने की मांग की। 7 महीने से व्यापार ठप, अब आवाजाही भी बंद ग्रामीणों का आरोप है कि गैसाबाद-दमोह-पन्ना मार्ग बंद होने से पिछले सात महीनों से उनका व्यापार चौपट हो चुका है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर दाहिया ने बताया कि शुक्रवार को बिना किसी पूर्व सूचना के पुल पर मिट्टी डाल दी गई, जिससे बाइक और कारों का निकलना भी बंद हो गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से लोग बीच रास्ते में फंस गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वैकल्पिक रास्ता नहीं दिया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। नया पुल तैयार, लेकिन सड़क अधूरी ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर पुल के बगल में ही एक नया पुल बनकर तैयार खड़ा है, लेकिन पिछले दो साल से प्रशासन इसकी ‘एप्रोच रोड’ (पहुंच मार्ग) नहीं बना पाया है। दो जिलों की सीमा में फंसे होने के कारण इस पुल का काम अटका हुआ है, जिसका खामियाजा गैसाबाद की जनता भुगत रही है। लोगों का कहना है कि अगर पक्की सड़क बना दी जाती, तो आज उन्हें इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। कलेक्टर ने मांगी माफी, समाधान का दिया भरोसा इस पूरे मामले पर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जनता से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि पुल काफी जर्जर और खतरनाक स्थिति में है, इसलिए सुरक्षा को देखते हुए आवागमन रोकना पड़ा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को प्रशासनिक टीम और सड़क विकास निगम के अधिकारियों ने मौके पर जाकर नए पुल और सड़क का मुआयना किया है। जल्द ही कोई ठोस विकल्प ढूंढ लिया जाएगा ताकि लोगों की परेशानी दूर हो सके।

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