रायबरेली के डलमऊ कस्बे में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बना सामुदायिक शौचालय बदहाली का शिकार है। मुराई बाग चौराहे पर स्थित यह शौचालय गंदगी से भरा है, जिससे आसपास के लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शौचालय में महीनों से सफाई नहीं हुई है। चारों ओर गंदगी फैली है और भयंकर दुर्गंध आती है, जिससे मुराई बाग चौराहे के व्यापारियों और राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। नगर पंचायत डलमऊ के दावों के विपरीत, शौचालय की न तो नियमित धुलाई होती है और न ही कचरा प्रबंधन की कोई व्यवस्था है। नगर पंचायत के इस रवैये से स्थानीय नागरिकों में रोष है। महेंद्र, राजेश कुमार, अश्वनी, लल्लन, मक्खन लाल, छोटे लाल, मालती देवी, इरफान और कामिल सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत केवल कागजों पर सफाई दिखा रही है। मुराई बाग चौराहे जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर शौचालय की यह स्थिति संक्रामक बीमारियों का कारण बन सकती है। यह चौराहा ऊंचाहार होते हुए प्रयागराज, लालगंज होते हुए उन्नाव-कानपुर, जिला मुख्यालय और गंगा पुल पार कर फतेहपुर जनपद को जोड़ता है। यहाँ से प्रतिदिन हजारों व्यापारी और राहगीर गुजरते हैं। इसके अतिरिक्त डलमऊ एक प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहाँ रोजाना हजारों श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। बावजूद इसके, मुख्य चौराहे पर स्थित सामुदायिक शौचालय की यह दुर्दशा प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है। ऐसे गम्भीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या नगर पंचायत प्रशासन किसी बड़ी महामारी का इंतजार कर रहा है? क्या जबतक प्रशासनिक अमला इस मामले हस्ताक्षेप नहीं करेगा तबतक नगर पंचायत कोई कार्रवाई नहीं करेगा? स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शौचालय की स्थिति नहीं सुधारी गई तो वे इस संबंध प्रशासनिक मदद के लिए विवश होंगे। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया नगर पंचायत प्रशासन कब जागता है।


