समस्तीपुर में साइबर अपराधी आम लोगों के साथ ही पुलिस पदाधिकारी को भी अब अपना निशाना बनाने लगे हैं। ठगों ने दलसिंहसराय के डीएसपी विवेक कुमार शर्मा का सरकारी नंबर ही हैक कर लिया। इस नंबर के जरिए व्हाट्सएप पर मैसेज भेज कर लोगों से पैसे की मांग की जा रही है। डीएसपी की ओर से मांगे जा रहे हैं पैसे की चर्चा इलाके में खूब होने लगी, तो पुलिस को यह जानकारी मिली। इस मामले को लेकर साइबर थाने में एक मामला दर्ज किया जा रहा है और साइबर अपराधी की गिरफ्तारी को लेकर प्रयास तेज कर दिया गया है। साइबर अपराधी हैक किए गए नंबर से डीएसपी के परिचितों, स्थानीय व्यवसायियों और अन्य लोगों को मैसेज भेजकर खुद को अधिकारी बताकर इमरजेंसी का बहाना बना रहे हैं। ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे हैं। कुछ लोगों को क्यूआर कोड (स्कैनर) भी भेजा गया है, ताकि वे पैसे भेज सकें। हालांकि कई लोगों ने समझदारी दिखाते हुए पैसे भेजने से इनकार कर दिया और तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। मामले की जांच में लगी साइबर सेल सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और साइबर सेल को मामले की जांच में लगा दिया गया है। नंबर की तकनीकी जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में सिम क्लोनिंग या सोशल इंजीनियरिंग के जरिए नंबर के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कॉल या मैसेज के आधार पर पैसे ट्रांसफर न करें, चाहे मैसेज करने वाला खुद को कोई अधिकारी ही क्यों न बताए। यदि इस तरह का कोई मैसेज मिले तो संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर उसकी पुष्टि अवश्य करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी अधिकारी व्यक्तिगत रूप से इस तरह पैसे की मांग नहीं करता है। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन को दें। पुलिस ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने कहा कि मामला गंभीर है पूरे मामले को देखा जा रहा है। जिले की साइबर टीम डीएसपी का नंबर हैक करने वाले बदमाश की तलाश कर रहे हैं। समस्तीपुर में साइबर अपराधी आम लोगों के साथ ही पुलिस पदाधिकारी को भी अब अपना निशाना बनाने लगे हैं। ठगों ने दलसिंहसराय के डीएसपी विवेक कुमार शर्मा का सरकारी नंबर ही हैक कर लिया। इस नंबर के जरिए व्हाट्सएप पर मैसेज भेज कर लोगों से पैसे की मांग की जा रही है। डीएसपी की ओर से मांगे जा रहे हैं पैसे की चर्चा इलाके में खूब होने लगी, तो पुलिस को यह जानकारी मिली। इस मामले को लेकर साइबर थाने में एक मामला दर्ज किया जा रहा है और साइबर अपराधी की गिरफ्तारी को लेकर प्रयास तेज कर दिया गया है। साइबर अपराधी हैक किए गए नंबर से डीएसपी के परिचितों, स्थानीय व्यवसायियों और अन्य लोगों को मैसेज भेजकर खुद को अधिकारी बताकर इमरजेंसी का बहाना बना रहे हैं। ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे हैं। कुछ लोगों को क्यूआर कोड (स्कैनर) भी भेजा गया है, ताकि वे पैसे भेज सकें। हालांकि कई लोगों ने समझदारी दिखाते हुए पैसे भेजने से इनकार कर दिया और तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। मामले की जांच में लगी साइबर सेल सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और साइबर सेल को मामले की जांच में लगा दिया गया है। नंबर की तकनीकी जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में सिम क्लोनिंग या सोशल इंजीनियरिंग के जरिए नंबर के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कॉल या मैसेज के आधार पर पैसे ट्रांसफर न करें, चाहे मैसेज करने वाला खुद को कोई अधिकारी ही क्यों न बताए। यदि इस तरह का कोई मैसेज मिले तो संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर उसकी पुष्टि अवश्य करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी अधिकारी व्यक्तिगत रूप से इस तरह पैसे की मांग नहीं करता है। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन को दें। पुलिस ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने कहा कि मामला गंभीर है पूरे मामले को देखा जा रहा है। जिले की साइबर टीम डीएसपी का नंबर हैक करने वाले बदमाश की तलाश कर रहे हैं।


