जमुई में साइबर थाना पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। पुलिस ने एक वर्ष पूर्व चोरी हुए एक टैब मोबाइल को सफलतापूर्वक बरामद कर उसके असली मालिक को सौंप दिया। यह कार्रवाई गुरुवार शाम 5 बजे की गई और इसका नेतृत्व साइबर डीएसपी राजन कुमार ने किया। जानकारी के अनुसार, टाउन थाना क्षेत्र के कल्याणपुर निवासी विजय कुमार यादव का टैब मोबाइल एक साल पहले उनके घर से चोरी हो गया था। तकनीकी माध्यमों से मोबाइल की ट्रैकिंग की गई
घटना के बाद पीड़ित ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। साइबर डीएसपी राजन कुमार ने बताया कि आवेदन मिलते ही तकनीकी माध्यमों से मोबाइल की ट्रैकिंग की गई। जैसे ही चोरी हुए टैब में नया सिम कार्ड डाला गया, पुलिस को इसकी सूचना मिली और संबंधित युवक को तुरंत पकड़ लिया गया। जांच में सामने आया कि जिसके पास से टैब बरामद हुआ, वह नाबालिग था। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसने यह टैब अपने एक दोस्त से लिया था। टैब अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए खरीदा था
पीड़ित विजय कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने यह टैब अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए खरीदा था। चोरी होने के बाद उन्हें इसकी वापसी की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन साइबर थाना पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया था। करीब एक साल बाद अपना खोया हुआ टैब वापस पाकर पीड़ित के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने जमुई साइबर थाना की पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की मेहनत और प्रतिबद्धता की सराहना की। जमुई में साइबर थाना पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। पुलिस ने एक वर्ष पूर्व चोरी हुए एक टैब मोबाइल को सफलतापूर्वक बरामद कर उसके असली मालिक को सौंप दिया। यह कार्रवाई गुरुवार शाम 5 बजे की गई और इसका नेतृत्व साइबर डीएसपी राजन कुमार ने किया। जानकारी के अनुसार, टाउन थाना क्षेत्र के कल्याणपुर निवासी विजय कुमार यादव का टैब मोबाइल एक साल पहले उनके घर से चोरी हो गया था। तकनीकी माध्यमों से मोबाइल की ट्रैकिंग की गई
घटना के बाद पीड़ित ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। साइबर डीएसपी राजन कुमार ने बताया कि आवेदन मिलते ही तकनीकी माध्यमों से मोबाइल की ट्रैकिंग की गई। जैसे ही चोरी हुए टैब में नया सिम कार्ड डाला गया, पुलिस को इसकी सूचना मिली और संबंधित युवक को तुरंत पकड़ लिया गया। जांच में सामने आया कि जिसके पास से टैब बरामद हुआ, वह नाबालिग था। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसने यह टैब अपने एक दोस्त से लिया था। टैब अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए खरीदा था
पीड़ित विजय कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने यह टैब अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए खरीदा था। चोरी होने के बाद उन्हें इसकी वापसी की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन साइबर थाना पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया था। करीब एक साल बाद अपना खोया हुआ टैब वापस पाकर पीड़ित के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने जमुई साइबर थाना की पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की मेहनत और प्रतिबद्धता की सराहना की।


