Cyber Fraud: साइबर ठग इन दिनों फर्जी ई-चालान वाला मैसेज भेजकर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। ये एक फिशिंग लिंक होता है। इस तरह के एसएमएस भेजने के लिए विनमेट एपीके, विंगो एपीके आदि जैसे मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म में प्रचार करके और प्रलोभन देकर ऐसे ऐप इंस्टाल कराते हैं।
फिर इन्हीं ऐप के जरिए लोगों को फर्जी ई-चालान, बोनस एसएमएस भेजकर ऑनलाइन ठगते हैं। इस तरह की ठगी करने वाले दो साइबर ठगों पृथ्वी कुमार बिश्नोई उर्फ राहुल और नरसिंह सिंह को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले में हुई गिरफ्तारी
विधानसभा इलाके में धर्मेंद्र सिंह के मोबाइल में आरटीओ चालान के नाम एसएमएस आया। इसे ओपन करने पर उनके बैंक अकाउंट से 4.52 लाख रुपए कट गए थे। इसकी शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना में लिया था। जांच के दौरान पुलिस की टीम ने गूगल, बैंक, यूट्यूब, मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी और टेलीग्राम ऐप के जरिए जानकारी जुटाई गई।
ऐसे करते हैं ठगी
आरोपी यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर टॉस्क कम्पलीट, इंस्टैंट बोनस, रेफरल बोनस व गेम खेलने से कमाई जैसे प्रलोभन दिखाकर विनमेट, विंगो जैसे मोबाइल ऐप का प्रचार करते हैं। ऐसे ऐप प्लेस्टोर/ऐप स्टोर पर नहीं होते। इन्हें इंस्टॉल करते ही उपयोगकर्ता को बोनस राशि दिखाई जाती है।
इसके बाद एसएमएस टॉस्क के नाम पर उनके मोबाइल नंबर से बड़ी संख्या में फर्जी ई-चालान, बोनस व अन्य संदिग्ध लिंक एसएमएस के रूप में भिजवाए जाते हैं। इन एसएमएस लिंक पर क्लिक करने से मोबाइल हैक हो जाता है। इसके बाद साइबर ठग बैंक खाते अथवा ई-वालेट से अवैध रूप से धनराशि निकाल लेते हैं।
ऑनलाइन आर्डर करते हैं ठगी
ठगी की राशि को खपाने के लिए साइबर ठग स्वीगी, इंस्टामार्ट जैसे ई-कॉमर्स के माध्यम से ऑनलाइन सामान खरीदते हैं। उसकी डिलीवरी अलग-अलग राज्यों में करवाते हैं। पकड़े गए पृथ्वी और नरसिंह सिंह भी इसी तरह से ठगी करते थे।
ऐसे बरते सावधानी
-किसी भी प्रकार के ऑनलाइन ऐप को केवल Play Store/App Store से ही डाउनलोड करें।
-गारंटीड मुनाफा, रोज पक्का रिटर्न अथवा आसान कमाई जैसे प्रलोभनों से सावधान रहें।
-अनावश्यक रूप से एसएमएस, कॉन्टैक्ट, कॉल लॉग या बैंक संबंधी अनुमति मांगने वाले ऐप को इंस्टॉल न करें।
-सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित फर्जी लाभ, स्क्रीनशॉट अथवा प्रशंसापत्रों पर विश्वास न करें।
-किसी भी अज्ञात लिंक, एपीके फाइल या कॉल के माध्यम से प्राप्त निर्देशों का पालन न करें।
- साइबर ठगी होने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।


