गिरिडीह जिले में पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। गांडेय थाना क्षेत्र के धोबिया मोड़ के पास खम्हाटांड़ गांव के पास जंगल में संचालित एक साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमजद अंसारी (लगभग 29 वर्ष) और रजाउल अंसारी (लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों देवघर जिले के मारगोमुंडा थाना अंतर्गत बन्नसिम्मी के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से 6 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड और एक बाइक जब्त की है। साइबर डीएसपी आबिद खान ने बताया कि एसपी डॉ. बिमल कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। साइबर थाना प्रभारी दिनेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा और जंगल में सक्रिय दोनों साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। वे फर्जी APK फाइल भेजकर लोगों को फंसाते थे। साइबर डीएसपी के अनुसार, इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 10/2026, दिनांक 29 मार्च 2026 को दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है। गिरिडीह जिले में पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। गांडेय थाना क्षेत्र के धोबिया मोड़ के पास खम्हाटांड़ गांव के पास जंगल में संचालित एक साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमजद अंसारी (लगभग 29 वर्ष) और रजाउल अंसारी (लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों देवघर जिले के मारगोमुंडा थाना अंतर्गत बन्नसिम्मी के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से 6 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड और एक बाइक जब्त की है। साइबर डीएसपी आबिद खान ने बताया कि एसपी डॉ. बिमल कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। साइबर थाना प्रभारी दिनेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा और जंगल में सक्रिय दोनों साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। वे फर्जी APK फाइल भेजकर लोगों को फंसाते थे। साइबर डीएसपी के अनुसार, इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 10/2026, दिनांक 29 मार्च 2026 को दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।


