Cyber fraud: मोबाइल पर आया आरटीओ चालान का लिंक, क्लिक करते ही खाते से गायब हो गए 95 हजार रुपए, अब दे रहा गाली

Cyber fraud: मोबाइल पर आया आरटीओ चालान का लिंक, क्लिक करते ही खाते से गायब हो गए 95 हजार रुपए, अब दे रहा गाली

कुसमी। बलरामपुर क्षेत्र में साइबर ठगों ने नया जाल बिछाते हुए एक युवक को शिकार बना लिया। फर्जी आरटीओ चालान के नाम पर भेजे गए लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक कर लिया गया और बैंक खाते से करीब 95 हजार रुपए पार कर दिए गए। यही नहीं, ठगी के दौरान सिम लॉक (Cyber fraud) हो गया था, खुलवाने के बाद अब उसे एक व्यक्ति द्वारा लगातार गाली दी जा रही है। पीडि़त ने कुसमी थाने में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि साइबर ठग अब लोगों के खाते खाली करने तरह-तरह के ट्रिक इजाद कर रहे हैं।

कुसमी नगर के वार्ड क्रमांक 2 निवासी कंचन कुमार कश्यप अपने पिता के साथ मुर्गा दुकान का संचालन करता है। उसने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 2 अप्रैल को शाम करीब 3 बजे उसके दोस्त कुसमी निवासी अरविन्द सोनवानी के मोबाइल नंबर से वाट्सएप पर आरटीओ चालान (Cyber fraud) के नाम से एक लिंक आया।

जैसे ही उसने लिंक पर क्लिक किया, अगले दिन 3 अप्रैल को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच उसका मोबाइल सिम अचानक बंद हो गया। पीडि़त के अनुसार सिम बंद होने पर वह जिओ केयर पहुंचा, जहां पता चला कि उसका आधार भी लॉक हो चुका है। इसके बाद आधार सेंटर में प्रक्रिया पूरी कर आधार अनलॉक कराया और 7 अप्रैल को सिम दोबारा चालू करवाया।

मोबाइल चालू होने के बाद जब उसने फोनपे एप की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री देखी तो उसके इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक खाते से अलग-अलग समय में कई अज्ञात खातों में राशि ट्रांसफर (Cyber fraud) होना सामने आया।

Cyber fraud: खाते में बचे मात्र 65 रुपए

कंचन कुमार ने बताया कि उसके खाते में जमा 95 हजार 814 रुपए में से मात्र 67 रुपए ही शेष बचे हैं। जबकि बाकी पूरी रकम कई किस्तों में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ली गई। मामले (Cyber fraud) में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पीडि़त का आरोप है कि मोबाइल चालू होने के बाद से आशीष मोर्या नामक व्यक्ति द्वारा एक नंबर से लगातार कॉल कर गाली-गलौच की जा रही है, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान है।

थाना प्रभारी ने ये बताया

कुसमी थाना प्रभारी विरासत कुजूर ने बताया कि इस प्रकार के साइबर फ्रॉड (Cyber fraud) मामलों में समय बीत जाने के बाद राशि की रिकवरी करना काफी मुश्किल हो जाता है। फिलहाल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की जाएगी।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, खासकर चालान, बैंक या केवाईसी के नाम पर आने वाले संदेशों से सतर्क रहें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराना ही राशि बचाने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

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