मोतिहारी में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पताही प्रखंड मुख्यालय स्थित ब्लॉक रोड पर पोस्ट ऑफिस के पास एक साइबर कैफे में अवैध रूप से आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज बनाए जा रहे थे। सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी (सीओ) नाजनी अकरम ने पुलिस बल के साथ मौके पर छापेमारी की। इस मामले का खुलासा चंपापुर गांव निवासी रामप्रवेश राय की शिकायत के बाद हुआ। राय ने बताया कि तीन दिन पहले वह अपने तीन बच्चों का आधार कार्ड बनवाने पताही आए थे। वहां उनकी मुलाकात अनन्या कम्युनिकेशन नामक साइबर कैफे के संचालक रोशन कुमार से हुई। संचालक ने आधार कार्ड बनवाने का आश्वासन देकर उनसे 2900 रुपये लिए और कुछ देर बाद एक आधार कार्ड बनाकर दे दिया। कर्मचारियों ने कार्ड को बताया फर्जी और अमान्य शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उन्होंने उस कार्ड की सत्यता जांचने के लिए सरकारी आधार केंद्र पर संपर्क किया, तो वहां के कर्मचारियों ने उसे फर्जी और अमान्य बताया। इसके बाद रामप्रवेश राय ने बुधवार दोपहर अंचलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलते ही सीओ नाजनी अकरम अपनी टीम के साथ साइबर कैफे पहुंचीं और संचालक से पूछताछ की। शुरुआत में संचालक ने टालमटोल जवाब दिए, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने स्वीकार किया कि एक अन्य युवक उसकी दुकान पर बैठकर ऐसे दस्तावेज तैयार करता है। उसने यह भी बताया कि वह युवक हर गुरुवार को आता है और कथित तौर पर एफसीआई बैंक में कार्यरत है। संदिग्ध दस्तावेज और उपकरण भी बरामद स्थानीय लोगों के अनुसार, इस साइबर कैफे में लंबे समय से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन ठोस सबूतों के अभाव में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी। छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज और उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच चल रही है। सीओ नाजनी अकरम ने स्पष्ट किया कि सरकारी दस्तावेजों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच कर दोषियों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मोतिहारी में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पताही प्रखंड मुख्यालय स्थित ब्लॉक रोड पर पोस्ट ऑफिस के पास एक साइबर कैफे में अवैध रूप से आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज बनाए जा रहे थे। सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी (सीओ) नाजनी अकरम ने पुलिस बल के साथ मौके पर छापेमारी की। इस मामले का खुलासा चंपापुर गांव निवासी रामप्रवेश राय की शिकायत के बाद हुआ। राय ने बताया कि तीन दिन पहले वह अपने तीन बच्चों का आधार कार्ड बनवाने पताही आए थे। वहां उनकी मुलाकात अनन्या कम्युनिकेशन नामक साइबर कैफे के संचालक रोशन कुमार से हुई। संचालक ने आधार कार्ड बनवाने का आश्वासन देकर उनसे 2900 रुपये लिए और कुछ देर बाद एक आधार कार्ड बनाकर दे दिया। कर्मचारियों ने कार्ड को बताया फर्जी और अमान्य शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उन्होंने उस कार्ड की सत्यता जांचने के लिए सरकारी आधार केंद्र पर संपर्क किया, तो वहां के कर्मचारियों ने उसे फर्जी और अमान्य बताया। इसके बाद रामप्रवेश राय ने बुधवार दोपहर अंचलाधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलते ही सीओ नाजनी अकरम अपनी टीम के साथ साइबर कैफे पहुंचीं और संचालक से पूछताछ की। शुरुआत में संचालक ने टालमटोल जवाब दिए, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने स्वीकार किया कि एक अन्य युवक उसकी दुकान पर बैठकर ऐसे दस्तावेज तैयार करता है। उसने यह भी बताया कि वह युवक हर गुरुवार को आता है और कथित तौर पर एफसीआई बैंक में कार्यरत है। संदिग्ध दस्तावेज और उपकरण भी बरामद स्थानीय लोगों के अनुसार, इस साइबर कैफे में लंबे समय से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन ठोस सबूतों के अभाव में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी। छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज और उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच चल रही है। सीओ नाजनी अकरम ने स्पष्ट किया कि सरकारी दस्तावेजों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच कर दोषियों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


