42 लॉकर से चोरी की रिवकरी पर ग्राहक संतुष्ट नहीं:लखनऊ में बोले- जेवर कम और टूटे हुए मिले, सील्ड डिब्बों से पर्ची गायब; IOB का मामला

42 लॉकर से चोरी की रिवकरी पर ग्राहक संतुष्ट नहीं:लखनऊ में बोले- जेवर कम और टूटे हुए मिले, सील्ड डिब्बों से पर्ची गायब; IOB का मामला

लखनऊ में इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) की शाखा के लॉकर से चोरी हुए गहनों की पुलिस ने रिकवरी कर ली। इन्हें ग्राहकों को वापस किया लेकिन ग्राहक इससे बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जेवर एक-तिहाई ही मिले हैं। जो वापस मिले भी वो टूटे हुए हैं। डिब्बों में जेवर रखते समय वजन की पर्ची डाली गई थी, वह पर्ची भी नहीं मिली है। सील्ड डिब्बों से पर्ची गायब है। मामला मटियारी चौराहे स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक का है। यहां 2024 में 20-21 दिसंबर की रात बड़ी चोरी हुई। चोरों ने बैंक के 42 लॉकर काट दिए। 4 लॉकर खाली थे लेकिन बाकी के 38 लॉकर से गहने समेट ले गए। मामला कोर्ट तक भी पहुंचा। पुलिस ने गहनों की जब्ती की और लोगों के सामने उनके जेवर डिब्बों में पैक कर दिए। 27 जनवरी 2025 को 14 लोगों के जेवर वापस कर दिए। कैसे हुई थी बैंक में चोरी, जानिए… इंडियन ओवरसीज बैंक की चिनहट शाखा में 7 चोरों ने बैंक की पिछली दीवार में सेंध लगाकर वारदात को अंजाम दिया था। बैंक के भीतर घुसते ही पहले अलार्म सिस्टम को डैमेज किया फिर लॉकर रूम तक पहुंचे और कुल 42 लॉकर काट डाले। इनमें से 4 लॉकर खाली थे, जबकि 38 लॉकर में गहने, नकदी और जरूरी दस्तावेज रखे थे। बैंक में चोर करीब डेढ़ घंटे तक रहे। बाद में STF ने पहुंचकर जांच-पड़ताल की। बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में 4 चोर कैद हुए हैं। उनके हाथ में इलेक्ट्रिक कटर भी था। घटना के बाद पीड़ितों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। कोर्ट और थानों के कई चक्कर लगाने के बाद अब जाकर कुछ लोगों को उनके गहने लौटाए गए हैं। अब पढ़िए पीड़ितों का दर्द… 30 प्रतिशत ही मिला पुश्तैनी गहना चिनहट निवासी सुमन पाठक का भी बैंक में लाकर था। उनकी बेटी महिमा पाठक ने बताया कि लाकर में रखे गए गहने काफी पुराने और पुश्तैनी थे। जिन्हें सुरक्षा के लिहाज से बैंक में रखा गया था। चोरी के बाद परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो गहने मिले, वो कुल चोरी हुए सामान का महज 30 प्रतिशत हैं। बाकी गहनों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है और अब उनके मिलने की उम्मीद भी कम है। चिनहट निवासी अर्चना ने बताया कि उनके लाकर नंबर 34 से चोरों ने गले का हार सेट, अंगूठियां समेत कई कीमती जेवर चोरी कर लिए थे। बरामदगी में उन्हें केवल करीब 25 प्रतिशत सामान ही वापस मिला है। उन्होंने भी पुलिस की बरामदगी पर असंतोष जताया है। कई लोगों के गहने हो चुके हैं क्षतिग्रस्त पीड़ितों का कहना है कि जो गहने वापस मिले हैं, उनमें से कई क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। बाली, पायल और कंगन जैसे गहनों की जोड़ियां टूट गई हैं, जिससे उनका उपयोग संभव नहीं रह गया है। ऐसे में लौटाए गए गहने भी पीड़ितों के किसी काम के नहीं रह गए हैं। पीड़ितों को बताया गया है कि मुकदमा खत्म होने से पहले वापस मिले गहनों को बेचा नहीं जा सकता। इससे लोगों के सामने इन गहनों को सुरक्षित रखने की नई चुनौती खड़ी हो गई है। अलग-अलग समय पर लोगों से गहनों की पहचान कराई कई पीड़ितों ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि गहनों की पहचान कराने के बाद जेवर के वजन की पर्ची के साथ डिब्बों को सील किया गया था। इसके अलावा जो 6 लोग उस दौरान नहीं आए थे, उनके आने पर पहचान के लिए दोबारा बुलाने की बात हुई थी। जब उन 6 लोगों से पहचान कराई गई तब पुराने पीड़ितों में से किसी को जानकारी नहीं दी गई। वहीं, सील्ड डिब्बों को खोलकर पहचान कराई गई। सील में डिब्बों में जेवर के वजन की पर्ची भी नहीं मिली। अब पढ़िए गहने वापस कैसे मिले… चोरों को पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़ा पुलिस ने लॉकर से चोरी करने वाले चोरों को वारदात के तीसरे दिन यानी 23 दिसंबर को ही मुठभेड़ में पकड़ लिया। एक आरोपी को पैर में गोली मार गिरफ्तार किया। उसके दो साथियों को भी पकड़ा गया। दूसरी कार में सवार 4 बदमाश फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपियों से चोरी की नकदी, ज्वेलरी, एक कट्‌टा, कारतूस, एक कार और लॉकर काटने वाला कटर बरामद किया। दूसरी कार से भागे 4 बदमाशों को पुलिस की टीमें तलाश करने लगीं। बैंक चोरी में शामिल सभी 7 आरोपी बिहार के रहने वाले थे। पुलिस का दावा- 24 घंटे में खुलासा किया पुलिस ने दावा किया था कि इंडियन ओवरसीज बैंक के चिनहट ब्रांच में चोरी के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया था। 24 घंटे के भीतर इसका खुलासा किया। मुठभेड़ के दौरान अरविंद कुमार (22) पुत्र चौधरी सिंह निवासी ग्राम सिटकुंडी, पोस्ट- दरियापुर, थाना मोफसिल, जिला मुंगेर को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया। इसके अलावा बलराम कुमार (28) पुत्र बिंदेश्वरी बिंद निवासी ग्राम-पिलदौरी, थाना-सुलतानगंज, जिला-भागलपुर, बिहार और कैलाश बिंद (28) पुत्र पुनीत बिंद निवासी ग्राम-बउअरी, पोस्ट- खेराडोरा, थाना- हवेली सड़कपुर, जिला-मुंगेर, बिहार गिरफ्तार हैं। चार आरोपी फरार हुए अधिकारियों ने बताया कि आरोपी मिथुन कुमार पुत्र लुसरु बिंद निवासी ग्राम-जानकीडीह, थाना-टेटराहर, जिला- लखीसराय बिहार, सोबिंद कुमार पुत्र रामानंद बिंद निवासी पुरुषोत्तमपुर, चारगांव, थाना-असरगंज, बिहार, सन्नी दयाल पुत्र स्व.नंदलाल बिंद, निवासी अमालिया, थाना-अमरगंज, जिला-मुंगेर बिहार और विपिन कुमार वर्मा फरार हैं। ——————————- इससे जुड़ी खबर पढ़िए… लखनऊ में बैंक के 42 लॉकर तोड़ने वाले का एनकाउंटर : चिनहट में मुठभेड़, पैर में मारी गोली, तीन गिरफ्तार; लूट का माल बरामद किया लखनऊ में इंडियन ओवरसीज बैंक के 42 लॉकर तोड़ने वाले बदमाश और पुलिस की मुठभेड़ हुई। पुलिस ने एक आरोपी को पैर में गोली मार गिरफ्तार किया। उसके दो साथियों को भी पकड़ा गया है। दूसरी कार में सवार 4 बदमाश फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपियों से चोरी की नगदी, ज्वेलरी, एक देसी कट्‌टा, कारतूस, एक कार और लॉकर काटने वाला कटर बरामद हुआ है। दूसरी कार से भागे 4 बदमाशों को पुलिस की टीमें तलाश कर रही हैं। बैंक चोरी में शामिल सभी 7 आरोपी बिहार के रहने वाले हैं। (पूरी खबर पढ़िए) लखनऊ में इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) की शाखा के लॉकर से चोरी हुए गहनों की पुलिस ने रिकवरी कर ली। इन्हें ग्राहकों को वापस किया लेकिन ग्राहक इससे बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जेवर एक-तिहाई ही मिले हैं। जो वापस मिले भी वो टूटे हुए हैं। डिब्बों में जेवर रखते समय वजन की पर्ची डाली गई थी, वह पर्ची भी नहीं मिली है। सील्ड डिब्बों से पर्ची गायब है। मामला मटियारी चौराहे स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक का है। यहां 2024 में 20-21 दिसंबर की रात बड़ी चोरी हुई। चोरों ने बैंक के 42 लॉकर काट दिए। 4 लॉकर खाली थे लेकिन बाकी के 38 लॉकर से गहने समेट ले गए। मामला कोर्ट तक भी पहुंचा। पुलिस ने गहनों की जब्ती की और लोगों के सामने उनके जेवर डिब्बों में पैक कर दिए। 27 जनवरी 2025 को 14 लोगों के जेवर वापस कर दिए। कैसे हुई थी बैंक में चोरी, जानिए… इंडियन ओवरसीज बैंक की चिनहट शाखा में 7 चोरों ने बैंक की पिछली दीवार में सेंध लगाकर वारदात को अंजाम दिया था। बैंक के भीतर घुसते ही पहले अलार्म सिस्टम को डैमेज किया फिर लॉकर रूम तक पहुंचे और कुल 42 लॉकर काट डाले। इनमें से 4 लॉकर खाली थे, जबकि 38 लॉकर में गहने, नकदी और जरूरी दस्तावेज रखे थे। बैंक में चोर करीब डेढ़ घंटे तक रहे। बाद में STF ने पहुंचकर जांच-पड़ताल की। बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में 4 चोर कैद हुए हैं। उनके हाथ में इलेक्ट्रिक कटर भी था। घटना के बाद पीड़ितों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। कोर्ट और थानों के कई चक्कर लगाने के बाद अब जाकर कुछ लोगों को उनके गहने लौटाए गए हैं। अब पढ़िए पीड़ितों का दर्द… 30 प्रतिशत ही मिला पुश्तैनी गहना चिनहट निवासी सुमन पाठक का भी बैंक में लाकर था। उनकी बेटी महिमा पाठक ने बताया कि लाकर में रखे गए गहने काफी पुराने और पुश्तैनी थे। जिन्हें सुरक्षा के लिहाज से बैंक में रखा गया था। चोरी के बाद परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मंगलवार को प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो गहने मिले, वो कुल चोरी हुए सामान का महज 30 प्रतिशत हैं। बाकी गहनों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है और अब उनके मिलने की उम्मीद भी कम है। चिनहट निवासी अर्चना ने बताया कि उनके लाकर नंबर 34 से चोरों ने गले का हार सेट, अंगूठियां समेत कई कीमती जेवर चोरी कर लिए थे। बरामदगी में उन्हें केवल करीब 25 प्रतिशत सामान ही वापस मिला है। उन्होंने भी पुलिस की बरामदगी पर असंतोष जताया है। कई लोगों के गहने हो चुके हैं क्षतिग्रस्त पीड़ितों का कहना है कि जो गहने वापस मिले हैं, उनमें से कई क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। बाली, पायल और कंगन जैसे गहनों की जोड़ियां टूट गई हैं, जिससे उनका उपयोग संभव नहीं रह गया है। ऐसे में लौटाए गए गहने भी पीड़ितों के किसी काम के नहीं रह गए हैं। पीड़ितों को बताया गया है कि मुकदमा खत्म होने से पहले वापस मिले गहनों को बेचा नहीं जा सकता। इससे लोगों के सामने इन गहनों को सुरक्षित रखने की नई चुनौती खड़ी हो गई है। अलग-अलग समय पर लोगों से गहनों की पहचान कराई कई पीड़ितों ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि गहनों की पहचान कराने के बाद जेवर के वजन की पर्ची के साथ डिब्बों को सील किया गया था। इसके अलावा जो 6 लोग उस दौरान नहीं आए थे, उनके आने पर पहचान के लिए दोबारा बुलाने की बात हुई थी। जब उन 6 लोगों से पहचान कराई गई तब पुराने पीड़ितों में से किसी को जानकारी नहीं दी गई। वहीं, सील्ड डिब्बों को खोलकर पहचान कराई गई। सील में डिब्बों में जेवर के वजन की पर्ची भी नहीं मिली। अब पढ़िए गहने वापस कैसे मिले… चोरों को पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़ा पुलिस ने लॉकर से चोरी करने वाले चोरों को वारदात के तीसरे दिन यानी 23 दिसंबर को ही मुठभेड़ में पकड़ लिया। एक आरोपी को पैर में गोली मार गिरफ्तार किया। उसके दो साथियों को भी पकड़ा गया। दूसरी कार में सवार 4 बदमाश फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपियों से चोरी की नकदी, ज्वेलरी, एक कट्‌टा, कारतूस, एक कार और लॉकर काटने वाला कटर बरामद किया। दूसरी कार से भागे 4 बदमाशों को पुलिस की टीमें तलाश करने लगीं। बैंक चोरी में शामिल सभी 7 आरोपी बिहार के रहने वाले थे। पुलिस का दावा- 24 घंटे में खुलासा किया पुलिस ने दावा किया था कि इंडियन ओवरसीज बैंक के चिनहट ब्रांच में चोरी के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया था। 24 घंटे के भीतर इसका खुलासा किया। मुठभेड़ के दौरान अरविंद कुमार (22) पुत्र चौधरी सिंह निवासी ग्राम सिटकुंडी, पोस्ट- दरियापुर, थाना मोफसिल, जिला मुंगेर को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया। इसके अलावा बलराम कुमार (28) पुत्र बिंदेश्वरी बिंद निवासी ग्राम-पिलदौरी, थाना-सुलतानगंज, जिला-भागलपुर, बिहार और कैलाश बिंद (28) पुत्र पुनीत बिंद निवासी ग्राम-बउअरी, पोस्ट- खेराडोरा, थाना- हवेली सड़कपुर, जिला-मुंगेर, बिहार गिरफ्तार हैं। चार आरोपी फरार हुए अधिकारियों ने बताया कि आरोपी मिथुन कुमार पुत्र लुसरु बिंद निवासी ग्राम-जानकीडीह, थाना-टेटराहर, जिला- लखीसराय बिहार, सोबिंद कुमार पुत्र रामानंद बिंद निवासी पुरुषोत्तमपुर, चारगांव, थाना-असरगंज, बिहार, सन्नी दयाल पुत्र स्व.नंदलाल बिंद, निवासी अमालिया, थाना-अमरगंज, जिला-मुंगेर बिहार और विपिन कुमार वर्मा फरार हैं। ——————————- इससे जुड़ी खबर पढ़िए… लखनऊ में बैंक के 42 लॉकर तोड़ने वाले का एनकाउंटर : चिनहट में मुठभेड़, पैर में मारी गोली, तीन गिरफ्तार; लूट का माल बरामद किया लखनऊ में इंडियन ओवरसीज बैंक के 42 लॉकर तोड़ने वाले बदमाश और पुलिस की मुठभेड़ हुई। पुलिस ने एक आरोपी को पैर में गोली मार गिरफ्तार किया। उसके दो साथियों को भी पकड़ा गया है। दूसरी कार में सवार 4 बदमाश फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपियों से चोरी की नगदी, ज्वेलरी, एक देसी कट्‌टा, कारतूस, एक कार और लॉकर काटने वाला कटर बरामद हुआ है। दूसरी कार से भागे 4 बदमाशों को पुलिस की टीमें तलाश कर रही हैं। बैंक चोरी में शामिल सभी 7 आरोपी बिहार के रहने वाले हैं। (पूरी खबर पढ़िए)  

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