छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) कैंपस में छात्रा से गैंगरेप की कोशिश के मामले में विवि की इंटरनल कमेटी को जांच में कई अहम जानकारी मिली है। कमेटी ने घटना वाले दिन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। बताया जा रहा है कि फुटेज में छात्रा डेमो रूम-3 (छात्रा द्वारा बताए गए क्लासरूम) में जाती नहीं दिखाई दी। 16 मार्च को वह डेमो रूम-3 के बजाय सीढ़ियों से ऊपर जाते हुए अपने क्लासरूम एलटी-3 में पहुंचती दिखी। विश्वविद्यालय की ओर से यह सीसीटीवी रिकार्ड पुलिस प्रशासन को सौंप दिए गए हैं। विशेषज्ञों की मदद से फुटेज रिस्टोर
घटना वाले दिन के सीसीटीवी फुटेज निकालने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मामला पुराना होने के कारण अधिकांश फुटेज खत्म हो चुके थे। टीम ने विशेषज्ञों की मदद से फुटेज को रिस्टोर किया और इसमें सफलता मिली। कमेटी ने फुटेज का विश्लेषण किया
छात्रा ने एफआईआर में लिखा था कि 16 मार्च की दोपहर 1.10 बजे डेमो-3 रूम में उसके साथी छात्रों ने दुष्कर्म का प्रयास किया। हालांकि बाद में छात्रा ने फैकल्टी को बताया कि गलती से पुलिस को डेमो-3 बता दिया था; असल घटना डेमो-2 की थी। इंटरनल कमेटी ने 16 मार्च के फुटेज की पड़ताल की। पीड़िता, आरोपी व अन्य छात्रों के बयान दर्ज
विवि के एक अधिकारी ने बताया कि फुटेज में दोपहर 1.13 बजे पीड़ित छात्रा अपनी लैब से निकलती दिखाई दी। वह डेमो-2 या 3 में जाने के बजाय सीढ़ियां चढ़ते हुए एलटी-3 क्लासरूम पहुंची। कमेटी ने बुधवार को जांच के दौरान पीड़िता, तीनों आरोपी छात्रों और छह अन्य छात्रों से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया। पुलिस को सौंपा गया फुटेज
वीसी प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि 16 मार्च के फुटेज की क्लिप पुलिस को सौंप दी गई है। फुटेज में छात्रा बताए गए समय और स्थान पर नहीं बल्कि एलटी क्लासरूम में जाती दिख रही है। विश्वविद्यालय की इंटरनल कमेटी और पुलिस मामले की जांच कर रही हैं।


