जमुई के सिविल सर्जन अशोक कुमार ने गुरुवार को जमुई सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों, इमरजेंसी कक्ष, ब्लड टेस्ट लैब और कैंटीन का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने ब्लड टेस्ट लैब में कई आवश्यक केमिकल उपलब्ध नहीं पाए। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों की जिंदगी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जांच व इलाज किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। गंदगी देखकर कर्मचारियों को लगाई फटकार अस्पताल परिसर और कैंटीन में गंदगी देखकर सिविल सर्जन ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन ने जोर देकर कहा कि मरीजों को बेहतर और स्वच्छ स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। CS ने 5 दिन पहले भी किया था निरीक्षण उन्होंने लैब में आवश्यक सामग्री की कमी और कैंटीन की अव्यवस्था को गंभीर लापरवाही बताया। संबंधित कर्मियों को चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि पांच दिन पहले भी सिविल सर्जन के निरीक्षण में कई चिकित्सक और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए थे, जिसके बाद उनके वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था। सिविल सर्जन के लगातार हो रहे निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप का माहौल है। उनके इस सख्त रवैये से आम लोगों में सदर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। जमुई के सिविल सर्जन अशोक कुमार ने गुरुवार को जमुई सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों, इमरजेंसी कक्ष, ब्लड टेस्ट लैब और कैंटीन का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने ब्लड टेस्ट लैब में कई आवश्यक केमिकल उपलब्ध नहीं पाए। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों की जिंदगी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जांच व इलाज किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। गंदगी देखकर कर्मचारियों को लगाई फटकार अस्पताल परिसर और कैंटीन में गंदगी देखकर सिविल सर्जन ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन ने जोर देकर कहा कि मरीजों को बेहतर और स्वच्छ स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। CS ने 5 दिन पहले भी किया था निरीक्षण उन्होंने लैब में आवश्यक सामग्री की कमी और कैंटीन की अव्यवस्था को गंभीर लापरवाही बताया। संबंधित कर्मियों को चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि पांच दिन पहले भी सिविल सर्जन के निरीक्षण में कई चिकित्सक और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए थे, जिसके बाद उनके वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था। सिविल सर्जन के लगातार हो रहे निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप का माहौल है। उनके इस सख्त रवैये से आम लोगों में सदर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है।


