मोतिहारी के नव नियुक्त सिविल सर्जन (सीएस) डॉ. दिलीप कुमार ने पदभार ग्रहण करने के पहले ही दिन सक्रियता दिखाई। सोमवार को उन्होंने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित एक मीडिया कार्यशाला में भाग लिया। यह कार्यशाला सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से आयोजित की गई थी, जिसका उद्घाटन डॉ. कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सीएस डॉ. दिलीप कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई स्तरों पर बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पदभार संभाले अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में ही उन्हें कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी मिली है। इस संबंध में वे जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आवश्यक चर्चा भी कर चुके हैं। अभियान की सफलता को सर्वजन दवा सेवन की अपील की सीएस ने बताया कि जिले में कुल 63 लाख पात्र व्यक्तियों को फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने सभी से अभियान की सफलता के लिए सर्वजन दवा सेवन करने की अपील की। इस दवा में डीईसी (DEC) और एल्बेंडाजोल (Albendazole) शामिल हैं, जो हाथी पांव और फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि दवा का सेवन आशा और स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में उनके सामने ही किया जाए। कार्यशाला में बताया गया कि सीफार के सहयोग से जिले में सीएचओ लीड रोगी हितधारक मंच का गठन किया गया है। यह मंच फाइलेरिया सहित अन्य बीमारियों के उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस मौके पर मधुबन प्रखंड के जिताउरा निवासी सीएचओ लीड पीएसपी सदस्य सह स्वयंसेवक जयशंकर यादव को सीएस डॉ. दिलीप कुमार और एसीएमओ एसएन सत्यर्थी द्वारा विकलांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। ‘महा-अभियान’ 11 फरवरी को चलाया जाएगा सीएस ने आगामी फाइलेरिया उन्मूलन ‘महा-अभियान’ की जानकारी दी, जो 11 फरवरी को चलाया जाएगा। इसके तहत 10 से 24 फरवरी तक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। वहीं, 25 से 27 फरवरी तक स्कूलों में बूथ लगाकर बच्चों को दवा दी जाएगी। इस महा-अभियान के लिए जिले में 3,166 टीमें और 316 पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। मोतिहारी के नव नियुक्त सिविल सर्जन (सीएस) डॉ. दिलीप कुमार ने पदभार ग्रहण करने के पहले ही दिन सक्रियता दिखाई। सोमवार को उन्होंने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित एक मीडिया कार्यशाला में भाग लिया। यह कार्यशाला सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से आयोजित की गई थी, जिसका उद्घाटन डॉ. कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सीएस डॉ. दिलीप कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई स्तरों पर बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पदभार संभाले अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में ही उन्हें कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी मिली है। इस संबंध में वे जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आवश्यक चर्चा भी कर चुके हैं। अभियान की सफलता को सर्वजन दवा सेवन की अपील की सीएस ने बताया कि जिले में कुल 63 लाख पात्र व्यक्तियों को फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने सभी से अभियान की सफलता के लिए सर्वजन दवा सेवन करने की अपील की। इस दवा में डीईसी (DEC) और एल्बेंडाजोल (Albendazole) शामिल हैं, जो हाथी पांव और फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि दवा का सेवन आशा और स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में उनके सामने ही किया जाए। कार्यशाला में बताया गया कि सीफार के सहयोग से जिले में सीएचओ लीड रोगी हितधारक मंच का गठन किया गया है। यह मंच फाइलेरिया सहित अन्य बीमारियों के उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस मौके पर मधुबन प्रखंड के जिताउरा निवासी सीएचओ लीड पीएसपी सदस्य सह स्वयंसेवक जयशंकर यादव को सीएस डॉ. दिलीप कुमार और एसीएमओ एसएन सत्यर्थी द्वारा विकलांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। ‘महा-अभियान’ 11 फरवरी को चलाया जाएगा सीएस ने आगामी फाइलेरिया उन्मूलन ‘महा-अभियान’ की जानकारी दी, जो 11 फरवरी को चलाया जाएगा। इसके तहत 10 से 24 फरवरी तक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। वहीं, 25 से 27 फरवरी तक स्कूलों में बूथ लगाकर बच्चों को दवा दी जाएगी। इस महा-अभियान के लिए जिले में 3,166 टीमें और 316 पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे।


