Crude Oil Prices: मिडिल ईस्ट में युद्ध से क्रूड ऑयल की कीमतों में आग लग गई है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिली है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान मिडिल ईस्ट में कई देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है। इससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई बाधित होने की चिंताओं ने जोर पकड़ लिया है। ऐसे में सोमवार सुबह शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया।
12% उछला ब्रेंट क्रूड
ब्रेंट क्रूड और नाइमेक्स लाइट स्वीट क्रूड दोनों में बाजार खुलते ही जोरदार तेजी आई। हालांकि, बाद में कुछ मुनाफावसूली भी देखी गई। एक समय पर ब्रेंट क्रूड 12 प्रतिशत से अधिक उछलकर करीब 82 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो शुक्रवार के बंद भाव 73 डॉलर से काफी ऊपर था। इसके बाद यह 79.30 डॉलर के आसपास बना रहा, जो लगभग 9 फीसदी की बढ़त दर्शाता है।
अमेरिकी कच्चा तेल करीब 8 डॉलर या 12 प्रतिशत उछलकर लगभग 75 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड लगभग 8 प्रतिशत की तेजी के साथ 72 डॉलर पर कारोबार करता दिखा। कच्चे तेल की इस तेजी ने इस साल की मजबूत बढ़त को और गति दी है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क इस साल जनवरी से अब तक लगभग 20 प्रतिशत चढ़ चुके हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं, खासकर तेहरान की प्रतिक्रिया और आपूर्ति मार्गों की स्थिति के आधार पर, तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है चिंता
बाजार की सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है, जो फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस संकरे जलमार्ग से रोजाना लगभग 1.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है, जो ग्लोबल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा है।
सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान जैसे देशों का तेल और गैस निर्यात इसी मार्ग पर निर्भर है। हाल में क्षेत्र में जहाजों पर हमलों की खबरों ने आशंका बढ़ा दी है कि शिपिंग बाधित हो सकती है। यदि निर्यात में बड़ी रुकावट आती है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में और तेजी आ सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, असली चिंता तेल की भौतिक आपूर्ति को लेकर है। यदि खाड़ी क्षेत्र से तेल का प्रवाह बाधित होता है, तो अतिरिक्त उत्पादन से तुरंत राहत मिलना मुश्किल होगा।
गंभीर संकट बन रहा मिडिल ईस्ट तनाव
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच टकराव हाल के वर्षों का सबसे गंभीर संकट बनता जा रहा है। ईरान में समन्वित हवाई और मिसाइल हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई में इजराइली और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। हताहतों की संख्या बढ़ रही है, बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है और हवाई क्षेत्र में बाधाएं वैश्विक बाजारों की अस्थिरता को और बढ़ा रही हैं।


