औरंगाबाद के CRPF जवान की सुकमा में मौत:3 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

औरंगाबाद के CRPF जवान की सुकमा में मौत:3 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

औरंगाबाद के फेसर थाना क्षेत्र बरिमल गांव के रहने वाले सीआरपीएफ जवान चंदन कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। चंदन कुमार वर्तमान में छत्तीसगढ़ के सुकमा में तैनात थे। उनकी अचानक हुई मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं। गुरुवार को जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बरिमल पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गांव में चंदन कुमार अमर रहें के नारे लगे। जवान के सम्मान में स्थानीय लोगों ने तिरंगा यात्रा भी निकाली। सीआरपीएफ जवान के अंतिम यात्रा की 3 तस्वीरें देखिए तीन साल के बेटे ने जवान को दी मुखाग्नि इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ बरीमल गांव के श्मशान घाट पर जवान का अंतिम संस्कार किया गया है। तीन साल के बेटे अंश ने अपने शहीद पिता को मुखाग्नि दी है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में उन्हें आखिरी सलामी दी गई। जवान के पिता अरुण मेहता की मौत 2001 में ही सड़क ट्रेन दुर्घटना में हो गई थी। चंदन अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। पूरे परिवार की जिम्मेवारी उसी के कंधों पर थी। तीन भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण उन्होंने हमेशा अपने परिवार का सहारा बनने की भूमिका निभाई। हालांकि जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसको लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। परिजन भी इस संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं दे पा रहे हैं और विभागीय स्तर पर भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 2017 में चंदन की हुई थी सीआरपीएफ में बहाली जानकारी के मुताबिक चंदन कुमार की बहाली वर्ष 2017 में सीआरपीएफ में हुई थी। नौकरी मिलने के बाद उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और कठिन परिश्रम के बल पर परिवार को बेहतर जीवन देने का प्रयास किया। वर्ष 2019 में उनकी शादी हुई थी। उनके एक छोटा बेटा और एक बेटी है, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ चुका है। चंदन की इस अचानक मौत ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। जहां एक ओर उनके छोटे-छोटे बच्चे पिता के स्नेह से वंचित हो गए हैं, वहीं पत्नी और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दुखद घटना से व्यथित है। अब सभी को उनकी मौत के वास्तविक कारण सामने आने का इंतजार है, ताकि इस रहस्य से पर्दा उठ सके। औरंगाबाद के फेसर थाना क्षेत्र बरिमल गांव के रहने वाले सीआरपीएफ जवान चंदन कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। चंदन कुमार वर्तमान में छत्तीसगढ़ के सुकमा में तैनात थे। उनकी अचानक हुई मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं। गुरुवार को जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बरिमल पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गांव में चंदन कुमार अमर रहें के नारे लगे। जवान के सम्मान में स्थानीय लोगों ने तिरंगा यात्रा भी निकाली। सीआरपीएफ जवान के अंतिम यात्रा की 3 तस्वीरें देखिए तीन साल के बेटे ने जवान को दी मुखाग्नि इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ बरीमल गांव के श्मशान घाट पर जवान का अंतिम संस्कार किया गया है। तीन साल के बेटे अंश ने अपने शहीद पिता को मुखाग्नि दी है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में उन्हें आखिरी सलामी दी गई। जवान के पिता अरुण मेहता की मौत 2001 में ही सड़क ट्रेन दुर्घटना में हो गई थी। चंदन अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। पूरे परिवार की जिम्मेवारी उसी के कंधों पर थी। तीन भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण उन्होंने हमेशा अपने परिवार का सहारा बनने की भूमिका निभाई। हालांकि जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसको लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। परिजन भी इस संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं दे पा रहे हैं और विभागीय स्तर पर भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 2017 में चंदन की हुई थी सीआरपीएफ में बहाली जानकारी के मुताबिक चंदन कुमार की बहाली वर्ष 2017 में सीआरपीएफ में हुई थी। नौकरी मिलने के बाद उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और कठिन परिश्रम के बल पर परिवार को बेहतर जीवन देने का प्रयास किया। वर्ष 2019 में उनकी शादी हुई थी। उनके एक छोटा बेटा और एक बेटी है, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ चुका है। चंदन की इस अचानक मौत ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। जहां एक ओर उनके छोटे-छोटे बच्चे पिता के स्नेह से वंचित हो गए हैं, वहीं पत्नी और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दुखद घटना से व्यथित है। अब सभी को उनकी मौत के वास्तविक कारण सामने आने का इंतजार है, ताकि इस रहस्य से पर्दा उठ सके।  

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