श्रीनगर में तैनात CRPF जवान शहीद:गोली लगने की आशंका, पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई

श्रीनगर में तैनात CRPF जवान शहीद:गोली लगने की आशंका, पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई

सिवान के जामो थाना क्षेत्र अंतर्गत जामो गांव निवासी और श्रीनगर में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान हरिनाथ राम की बुधवार की अहले सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गुरुवार को जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव की सीमा में प्रवेश करते ही बड़ी संख्या में लोग “हरिनाथ राम अमर रहें”, “भारत माता की जय” जैसे नारों के साथ अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। पार्थिव शरीर के पहुंचने से पहले ही महाराजगंज के एसडीपीओ अमन, गोरेयाकोठी अंचलाधिकारी सहित स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मृतक के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। अधिकारियों ने परिवार को हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा भी दिया। आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई
मृतक हरिनाथ राम 44वीं बटालियन सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल (कारपेंटर) के पद पर कार्यरत थे। परिजनों ने उनकी मौत गोली लगने से होने की आशंका जताई है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई ठोस और आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। मौत की खबर के बाद पत्नी पूनिता देवी, दो पुत्र अतुल और अनुप तथा पुत्री प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा परिवार गहरे सदमे में डूबा हुआ है। घटना के संबंध में मृतक के छोटे पुत्र अनुप कुमार ने बताया कि बुधवार की सुबह उनकी मां के मोबाइल पर सूचना आई कि उनके पिता को गोली लगी है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ समय बाद यह बताया गया कि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों को यह भी जानकारी दी गई कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद शव गांव भेज दिया जाएगा। पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की गई और पार्थिव शरीर को आम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद सीआरपीएफ के जवानों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पूरे सम्मान के साथ अंतिम सलामी के बाद पार्थिव शरीर को दाह संस्कार के लिए गांव के घाट ले जाया गया, जहां नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। सिवान के जामो थाना क्षेत्र अंतर्गत जामो गांव निवासी और श्रीनगर में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान हरिनाथ राम की बुधवार की अहले सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गुरुवार को जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव की सीमा में प्रवेश करते ही बड़ी संख्या में लोग “हरिनाथ राम अमर रहें”, “भारत माता की जय” जैसे नारों के साथ अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। पार्थिव शरीर के पहुंचने से पहले ही महाराजगंज के एसडीपीओ अमन, गोरेयाकोठी अंचलाधिकारी सहित स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मृतक के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। अधिकारियों ने परिवार को हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा भी दिया। आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई
मृतक हरिनाथ राम 44वीं बटालियन सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल (कारपेंटर) के पद पर कार्यरत थे। परिजनों ने उनकी मौत गोली लगने से होने की आशंका जताई है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई ठोस और आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। मौत की खबर के बाद पत्नी पूनिता देवी, दो पुत्र अतुल और अनुप तथा पुत्री प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा परिवार गहरे सदमे में डूबा हुआ है। घटना के संबंध में मृतक के छोटे पुत्र अनुप कुमार ने बताया कि बुधवार की सुबह उनकी मां के मोबाइल पर सूचना आई कि उनके पिता को गोली लगी है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ समय बाद यह बताया गया कि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों को यह भी जानकारी दी गई कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद शव गांव भेज दिया जाएगा। पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की गई और पार्थिव शरीर को आम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद सीआरपीएफ के जवानों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पूरे सम्मान के साथ अंतिम सलामी के बाद पार्थिव शरीर को दाह संस्कार के लिए गांव के घाट ले जाया गया, जहां नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *