भागलपुर में आधार सेंटर पर लोगों की भीड़:स्टाफ की कमी से परेशानी, मासूम को गोद में लेकर पहुंची महिला, बोलीं- घंटों इंतजार करना पड़ रहा है

भागलपुर में आधार सेंटर पर लोगों की भीड़:स्टाफ की कमी से परेशानी, मासूम को गोद में लेकर पहुंची महिला, बोलीं- घंटों इंतजार करना पड़ रहा है

भागलपुर के तिलकामांझी में आधार सेवा केंद्र पर इन दिनों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नया आधार कार्ड बनवाने और सुधार के लिए घंटों लंबी लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सुबह लाइन में लगे लोग शाम तक अपनी बारी का इंतजार करते हैं, फिर भी कई बार काम नहीं हो पाता। जानकारी के अनुसार आधार सेवा केंद्र पर केवल एक काउंटर संचालित हो रहा है। स्टाफ की भारी कमी के कारण प्रतिदिन सैकड़ों लोग बिना काम कराए लौटने को मजबूर हैं। यहां भागलपुर के साथ-साथ आसपास के जिले खगड़िया, मुंगेर और बांका से भी लोग पहुंच रहे हैं। सुबह 8 बजे से ही लाइन में लग जाते हैं, लेकिन शाम तक भी उनकी बारी नहीं आती। बच्चों को संभालना मुश्किल सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है। कई महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर घंटों लाइन में खड़ी रहती हैं। अव्यवस्था के बीच बच्चों को संभालना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। पार्वती देवी ने बताया कि शाहकुंड इलाके से सुबह 8 बजे ही आए हैं, लेकिन दोपहर 12 बजे तक काम पूरा नहीं हो सका। गोद में बच्चा लिए लाइन में 4 घंटे से खड़े हैं। भूख-प्यास और थकान के कारण उनका सब्र जवाब दे रहा है। बुनियादी सुविधाओं का आभाव वहीं, लाइन में खड़े सूरज ने बताया कि कोई सुबह 8 बजे से तो कोई 11 बजे से अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। औसतन 7 से 8 घंटे तक खड़े रहना पड़ता है। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, न ही पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं। सुरक्षा और व्यवस्था के अभाव में कई बार भीड़ बेकाबू हो जाती है। हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। दीपक ने कहा कि प्रशासन और यूआईडीएआई की ओर से व्यवस्था सुधारने की कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। लोगों ने मांग की है कि आधार सेवा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए, काउंटरों की संख्या में इजाफा हो और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके। भागलपुर के तिलकामांझी में आधार सेवा केंद्र पर इन दिनों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नया आधार कार्ड बनवाने और सुधार के लिए घंटों लंबी लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सुबह लाइन में लगे लोग शाम तक अपनी बारी का इंतजार करते हैं, फिर भी कई बार काम नहीं हो पाता। जानकारी के अनुसार आधार सेवा केंद्र पर केवल एक काउंटर संचालित हो रहा है। स्टाफ की भारी कमी के कारण प्रतिदिन सैकड़ों लोग बिना काम कराए लौटने को मजबूर हैं। यहां भागलपुर के साथ-साथ आसपास के जिले खगड़िया, मुंगेर और बांका से भी लोग पहुंच रहे हैं। सुबह 8 बजे से ही लाइन में लग जाते हैं, लेकिन शाम तक भी उनकी बारी नहीं आती। बच्चों को संभालना मुश्किल सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है। कई महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर घंटों लाइन में खड़ी रहती हैं। अव्यवस्था के बीच बच्चों को संभालना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। पार्वती देवी ने बताया कि शाहकुंड इलाके से सुबह 8 बजे ही आए हैं, लेकिन दोपहर 12 बजे तक काम पूरा नहीं हो सका। गोद में बच्चा लिए लाइन में 4 घंटे से खड़े हैं। भूख-प्यास और थकान के कारण उनका सब्र जवाब दे रहा है। बुनियादी सुविधाओं का आभाव वहीं, लाइन में खड़े सूरज ने बताया कि कोई सुबह 8 बजे से तो कोई 11 बजे से अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। औसतन 7 से 8 घंटे तक खड़े रहना पड़ता है। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, न ही पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं। सुरक्षा और व्यवस्था के अभाव में कई बार भीड़ बेकाबू हो जाती है। हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। दीपक ने कहा कि प्रशासन और यूआईडीएआई की ओर से व्यवस्था सुधारने की कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। लोगों ने मांग की है कि आधार सेवा केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए, काउंटरों की संख्या में इजाफा हो और अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।  

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