जिले में पिछले कई दिनों से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास हो रहा है, जबकि दोपहर में तेज धूप और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। इस बदलते मौसम का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और बड़ी संख्या में लोग सर्दी, जुखाम और बुखार जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है, जो तेजी से मौसमी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कुमारगंज स्थित सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में प्रतिदिन करीब 500 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें अधिकांश मरीज मौसमी बुखार से पीड़ित हैं। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि पाण्डेय ने ओपीडी और वार्डों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने भर्ती मरीजों से उनके इलाज और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली, साथ ही ओपीडी में आए मरीजों से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण बरनवाल ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण जहां बुखार और वायरल के मरीज बढ़े हैं, वहीं सर्वाइकल और हड्डी संबंधी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सभी मरीजों का समुचित इलाज किया जा रहा है और गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है। गंभीर मरीजों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत भी किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बदलते मौसम में सावधानी बरतने, गर्म कपड़ों का उपयोग करने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की।


