रामनवमी के अवसर पर सुपौल जिले में श्रद्धा का माहौल है। निर्मली स्थित चैती दुर्गा मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस वर्ष यहां तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर एक विशेष पंडाल बनाया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। सुबह से ही मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इनमें महिलाएं और पुरुष भक्त शामिल हैं, जो मां दुर्गा के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। 1989 में हुई पूजा की शुरुआत चैती दुर्गा पूजा समिति के सदस्य अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि इस पूजा की शुरुआत वर्ष 1989 में हुई थी। तब से हर साल इसे भव्य रूप दिया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष तिरुपति बालाजी के स्वरूप में पंडाल का निर्माण विशेष रूप से किया गया है। इस पंडाल के निर्माण में दरभंगा जिले के जरगा क्षेत्र के कारीगरों का योगदान है। अरविंद कुमार सिंह के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 20 कारीगरों ने मिलकर इसे तैयार किया है। सिंह ने यह भी बताया कि इस आयोजन में नगरवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। पहले जहां केवल स्थानीय लोग ही पूजा में शामिल होते थे, वहीं अब आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मंदिर परिसर में पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रशासनिक टीम लगातार निगरानी कर रही है। इसके अलावा स्थानीय स्वयंसेवक भी व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मधुबनी जिले से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि यहां पहुंचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई और व्यवस्था काफी बेहतर है। हालांकि सुबह के समय भीड़ अपेक्षाकृत कम रहती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। कुल मिलाकर, निर्मली का चैती दुर्गा मंदिर इस रामनवमी पर आस्था, भक्ति और भव्यता का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहा है, जहां श्रद्धालु न केवल पूजा-अर्चना कर रहे हैं, बल्कि इस आकर्षक पंडाल का भी आनंद उठा रहे हैं। रामनवमी के अवसर पर सुपौल जिले में श्रद्धा का माहौल है। निर्मली स्थित चैती दुर्गा मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस वर्ष यहां तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर एक विशेष पंडाल बनाया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। सुबह से ही मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इनमें महिलाएं और पुरुष भक्त शामिल हैं, जो मां दुर्गा के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। 1989 में हुई पूजा की शुरुआत चैती दुर्गा पूजा समिति के सदस्य अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि इस पूजा की शुरुआत वर्ष 1989 में हुई थी। तब से हर साल इसे भव्य रूप दिया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष तिरुपति बालाजी के स्वरूप में पंडाल का निर्माण विशेष रूप से किया गया है। इस पंडाल के निर्माण में दरभंगा जिले के जरगा क्षेत्र के कारीगरों का योगदान है। अरविंद कुमार सिंह के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 20 कारीगरों ने मिलकर इसे तैयार किया है। सिंह ने यह भी बताया कि इस आयोजन में नगरवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। पहले जहां केवल स्थानीय लोग ही पूजा में शामिल होते थे, वहीं अब आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मंदिर परिसर में पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रशासनिक टीम लगातार निगरानी कर रही है। इसके अलावा स्थानीय स्वयंसेवक भी व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मधुबनी जिले से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि यहां पहुंचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई और व्यवस्था काफी बेहतर है। हालांकि सुबह के समय भीड़ अपेक्षाकृत कम रहती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। कुल मिलाकर, निर्मली का चैती दुर्गा मंदिर इस रामनवमी पर आस्था, भक्ति और भव्यता का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहा है, जहां श्रद्धालु न केवल पूजा-अर्चना कर रहे हैं, बल्कि इस आकर्षक पंडाल का भी आनंद उठा रहे हैं।


