बांका में बुधवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चार दिवसीय चैती छठ पूजा का समापन हो गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। व्रती महिलाएं और पुरुष ढोल-नगाड़ों तथा छठ गीतों के साथ घाटों पर पहुंचे और विधि-विधान से भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की लंबी आयु और खुशहाली की कामना की गई।मंझोनी गांव में युवा पीढ़ी नयनी सिंह नटवर द्वारा पहली बार चैती छठ पूजा की गांव में शुरुआत की गई। जिसको लेकर गांव में काफी उल्लास देखने को मिला। बुधवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण किया यह चैती छठ पूजा बांका, अमरपुर, रजौन, धोरैया, बेलहर, कटोरिया, बाराहाट, फुल्ली डूमर, शंभूगंज, पंजवारा, बौसी और चांदन सहित सभी प्रखंड क्षेत्रों में पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। मंगलवार शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद, व्रतियों ने बुधवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण किया। चार दिनों तक पूरे जिले में भक्तिमय वातावरण बना रहा। सुबह होते ही श्रद्धालुओं ने अपने-अपने छठ घाटों पर स्नान कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी। रजौन प्रखंड क्षेत्र के रजौन, मंझोनी, आसमानीचक, कैथा, सिंहनान, पुनसिया, राजावर, सकहारा, कठौन और नवादा बाजार सहित कई घाटों पर व्रतियों ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। मंझोनी गांव में युवा नेता नयन सिंह नटवर द्वारा पहली बार छठ पर्व की शुरुआत की गई, जो आस्था का केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे घाटों पर मौजूद रहे पूजा के दौरान बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे घाटों पर मौजूद थे। बच्चों और युवाओं ने घाटों पर जमकर आतिशबाजी भी की, जिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। इन चार दिनों में पूरे इलाके में आस्था, श्रद्धा और उत्सव का माहौल छाया रहा। चैती छठ पूजा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभिन्न छठ घाटों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की मुस्तैदी के कारण छठ पूजा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गई। बांका में बुधवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चार दिवसीय चैती छठ पूजा का समापन हो गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। व्रती महिलाएं और पुरुष ढोल-नगाड़ों तथा छठ गीतों के साथ घाटों पर पहुंचे और विधि-विधान से भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की लंबी आयु और खुशहाली की कामना की गई।मंझोनी गांव में युवा पीढ़ी नयनी सिंह नटवर द्वारा पहली बार चैती छठ पूजा की गांव में शुरुआत की गई। जिसको लेकर गांव में काफी उल्लास देखने को मिला। बुधवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण किया यह चैती छठ पूजा बांका, अमरपुर, रजौन, धोरैया, बेलहर, कटोरिया, बाराहाट, फुल्ली डूमर, शंभूगंज, पंजवारा, बौसी और चांदन सहित सभी प्रखंड क्षेत्रों में पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। मंगलवार शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद, व्रतियों ने बुधवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण किया। चार दिनों तक पूरे जिले में भक्तिमय वातावरण बना रहा। सुबह होते ही श्रद्धालुओं ने अपने-अपने छठ घाटों पर स्नान कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी। रजौन प्रखंड क्षेत्र के रजौन, मंझोनी, आसमानीचक, कैथा, सिंहनान, पुनसिया, राजावर, सकहारा, कठौन और नवादा बाजार सहित कई घाटों पर व्रतियों ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। मंझोनी गांव में युवा नेता नयन सिंह नटवर द्वारा पहली बार छठ पर्व की शुरुआत की गई, जो आस्था का केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे घाटों पर मौजूद रहे पूजा के दौरान बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे घाटों पर मौजूद थे। बच्चों और युवाओं ने घाटों पर जमकर आतिशबाजी भी की, जिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। इन चार दिनों में पूरे इलाके में आस्था, श्रद्धा और उत्सव का माहौल छाया रहा। चैती छठ पूजा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभिन्न छठ घाटों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन की मुस्तैदी के कारण छठ पूजा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गई।


