वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में आस्था के महापर्व महाशिवरात्रि पर महाकुंभ पॉलिसी लागू की जाएगी। महाकुंभ की तरह मंदिर में बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। 10 लाख से अधिक दर्शनार्थियों को बेहतर संस्थानों ओर प्लानिंग के तहत अनवरत 26 घंटे दर्शन कराए जाएंगे। महाकुंभ पलट प्रवाह की तर्ज पर पुलिस, पीएसी एवं अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती की जाएगी। इसके साथ संवेदनशील स्थलों पर रूफटॉप ड्यूटी, सीसीटीवी व ड्रोन से निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। होल्डिंग एरिया, पूर्व निर्धारित प्रवेश-निकास मार्ग, प्रतिबंधित वस्तुओं हेतु साइन बोर्ड एवं बैगेज काउंटर की व्यवस्था की जाएगी। विशेष ट्रैफिक प्लान के तहत रूट डायवर्जन, वन-वे एवं नो-व्हीकल जोन लागू होंगे तथा वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थलों पर ही कराई जाएगी। फायर ब्रिगेड, डॉग स्क्वाड व एम्बुलेंस टीमों को अलर्ट रखा गया है तथा पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के प्रति विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार के निर्देश दिए गए हैं । पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शनिवार को काशी विश्वनाथ न्यास में महाशिवरात्रि पर्व पर पुख्ता इंतजाम और मुस्तैद सुरक्षा का रूट मैप और एक्शन प्लान तैयार किया। काशी विश्वनाथ धाम के बोर्ड रूम में संभावित संख्या एवं सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर चर्चा की। श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन एवं जनसुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मण्डलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोष्ठी आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मीटिंग में तय किया गया कि काशी में महाशिवरात्रि पर इस बार दर्शन के लिए भक्तों को निराश नहीं होना पड़ेगा। काशी विश्वनाथ मंदिर ने शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की अनुमानित भीड़ को देखते हुए कपाट लगातार खोले रखने का निर्णय लिया है। मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि इस बार काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या दस लाख से ज्यादा हो सकती है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सभी तरह के सुगम दर्शन और वीवीआईपी प्रोटोकॉल वाली व्यवस्था पर रोक लगा दी है। पलट प्रवाह की तरह सभी इंतजाम महाशिवरात्रि पर्व को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए नगर निगम, विद्युत विभाग, एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग सहित सभी सुरक्षा व सुविधा प्रदायी विभागों के अफसरों ने मंथन किया। पर्व के दौरान प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारियों का स्पष्ट चिन्हांकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। महाकुम्भ ‘पलट प्रवाह’ की तर्ज पर सुव्यवस्थित आवागमन, दर्शन एवं पूजन सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है। बताया गया कि पुलिस, पीएसी एवं अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती उसी तर्ज पर होगी। विशेष ट्रैफिक प्लान के तहत रूट डायवर्जन, वन-वे एवं नो-व्हीकल जोन लागू होंगे तथा वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थलों पर ही कराई जाएगी। फायर ब्रिगेड, डॉग स्क्वाड व एम्बुलेंस टीमों को अलर्ट रखा गया है तथा पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के प्रति विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार के निर्देश दिए गए हैं । सुरक्षा पर फोकस विद्युत विभाग को धाम व आसपास के सभी विद्युत खंभों की टेपिंग और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट पूर्ण करने के निर्देश दिए।अग्निशमन विभाग को फायर सेफ्टी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश।
खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी की बात कही।
दर्शन व्यवस्था हेतु बैरिकेडिंग, प्रमुख स्थानों पर खोया-पाया केंद्र, शुद्ध पेयजल, और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था। धाम परिसर में मेडिकल हेल्पडेस्क, ग्लूकोज/ORS/गुड़ की उपलब्धता। नगर निगम को बंदरों और आवारा पशुओं के नियंत्रण के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


