इंदौर रजिस्ट्रार कार्यालयों में देर रात तक भीड़:48 घंटे में 100 करोड़ से ज्यादा रेवेन्यू, पिछले साल से 200 करोड़ ज्यादा, लक्ष्य से 700 करोड़ कम

इंदौर रजिस्ट्रार कार्यालयों में देर रात तक भीड़:48 घंटे में 100 करोड़ से ज्यादा रेवेन्यू, पिछले साल से 200 करोड़ ज्यादा, लक्ष्य से 700 करोड़ कम

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को इंदौर के पंजीयन कार्यालयों में काफी भीड़ रही। गर्मी के बावजूद लोग पुरानी गाइड लाइन के रेट में रजिस्ट्री कराने के लिए घंटों तक बैठे रहे। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। दरअसल नई गाइड लाइन में जबर्दस्त बढ़े रेट के कारण मार्च के आखिरी दो दिनों में कार्यालयों में काफी भीड़ रही। लोगों की परेशानियों को देखते हुए ढक्कनवाला कुआं स्थित पंजीयन कार्यालय के बाहर बड़ा टेंट लगाकर लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। उनके लिए बड़े-बड़े कूलर, पीने के पानी का इंतजाम भी खास तौर पर किया गया था। इसके साथ ही रात में परेशानी न हो इसके लिए बिजली की माकूल व्यवस्था की गई थी। ऐसी ही मोती तबेला सहित अन्य पजीयन कार्यालयों की रही जहां काफी गहमागहमी रही। दरअसल इस बार बैंकों के अवकाश के कारण पूर्व में कुछ परेशानी हुई थी। मार्च में बीते दिनों में हर रोज करीब 1500 दस्तावेज रजिस्टर्ड हुए। हालांकि इस साल का टारगेट 3500 करोड़ का था लेकिन फिर भी इस बार पिछले साल की तुलना में 200 करोड़ रु. ज्यादा का रेवेन्यू जनरेट होने का अनुमान है। डॉ. अमरीश नायडू (सीनियर रजिस्ट्रार) ने बताया कि 30 मार्च को विभाग को 50 करोड़ का रेवेन्यू मिला था। 31 मार्च की देर रात तक सिलसिला चला। इसके पूर्व मंगलवार देर शाम तक 43 करोड़ का रेवेन्यू मिला। रात 12 बजे तक 10 करोड़ का और रेवेन्यू मिलने का अनुमान है। इस तरह 48 घंटों में 100 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू मिलने का अनुमान है। पिछले साल विभाग को 2540 करोड़ का रेवेन्यू मिला था। इस साल 2725 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू जनरेट हो चुका है। अन्य मदों सहित 2750 करोड़ का रेवेन्यू मिलने का अनुमान है। नायडू के मुताबिक मार्च के आखिरी दो दिनों में कोई बड़ी रजिस्ट्री नहीं हुई। पूरे सालभर में 15 मार्च को एक 10 करोड़ की रजिस्ट्री हुई थी। नई गाइड लाइन में रुकावट न हो इसके लिए विभाग ने कैविएट दायर कर दी है। संपदा सर्वर धीमा उधर, एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी के मुताबिक इस बार विभाग अपने लक्ष्य से करीब 700 करोड रु. से पीछे है। रात 8 बजे ही कोषालय बंद कर दिया गया जिसके कारण स्टाम्प जनरेट नहीं किया जा सकता था। रजिस्ट्री कराने वाले कतार में लगे रहे। रात 9 बजे तक ढक्कन वाला कुआ कार्यालय में 700, एमओजी लाइन स्थित कार्यालय 400, एक नंबर में 500 से अधिक, मेदांता हॉस्पिटल के पास स्थित कार्यालय में 600 से ज्यादा लोगों की रजिस्ट्रियां होना थी। संपदा 2.0 सर्वर की गति धीमी रही। स्लॉट बुक करा लिए हैं तो चार माह तक कर सकते हैं दस्तावेज पेश द्विवेदी के मुताबिक जिन लोगों ने पहले स्लॉट बुक करा लिए हैं वे 31 मार्च से चार माह के अंदर (जुलाई तक) कभी भी दस्तावेज पेश कर सकते हैं। चूंकि इनके दस्तावेज संपदा पोर्टल पर अपलोड हैं इसलिए इन पर नई गाइड लाइन लागू नहीं होगी। विभाग ने इन्हें टोकन भी बांट दिए हैं। विभाग ने पिछले साल की तुलना में 200 करोड़ से ज्यादा रेवेन्यू मिलने की बात कही है जबकि पिछले साल से कई दस्तावेजों में स्टाम्प ड्यूटी की वृद्धि की गई है। कई दस्तावेजों में शपथ पत्र 50 रु. की बजाय 200 रु. के हैं।

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