अयोध्या एक बार फिर आस्था और उत्साह से सराबोर दिखी, जब क्रीड़ा भारती के तत्वावधान में “रन फॉर राम” का भव्य आयोजन 14 कोसी परिक्रमा पथ पर हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से आए बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ प्रतिभागियों ने जोश के साथ दौड़ में हिस्सा लिया। लगभग 42 किलोमीटर लंबी इस स्पर्धा में 2100 मीटर से लेकर फुल मैराथन तक की प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। राम नाम के जयकारों के साथ शुरू हुई दौड़ में पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण से गूंजता रहा। संत कबीर नगर के धावक आलोक कुमार ने 42 किलोमीटर मैराथन में प्रथम स्थान प्राप्त कर सबका ध्यान आकर्षित किया। विजेताओं को अयोध्या नगर निगम के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य अनिल मिश्रा ने सम्मानित किया। दौड़ से पहले वैचारिक संवाद आयोजन से एक दिन पूर्व भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंग, उनकी मर्यादा और राष्ट्र निर्माण में उनके आदर्शों पर विस्तृत संवाद हुआ। वक्ताओं ने सनातन संस्कृति की वैश्विक प्रासंगिकता और युवाओं में अनुशासन व सेवा भाव के महत्व पर जोर दिया। आस्था, स्वास्थ्य और सामाजिक एकता का संदेश आयोजकों के अनुसार “रन फॉर राम” केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आस्था, राष्ट्रभाव और सामाजिक समरसता का संदेश है। प्रतिभागियों ने इसे आध्यात्मिक ऊर्जा और फिटनेस के अद्भुत संगम के रूप में अनुभव किया। राम मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि यह आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम है। श्रीराम के आदर्श युवाओं को प्रेरित करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा देते हैं। महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि अयोध्या में ऐसे आयोजन शहर की आध्यात्मिक पहचान के साथ स्वस्थ समाज का संदेश भी देते हैं। संत कबीर नगर के विजेता आलोक कुमार ने कहा कि राम नाम की ऊर्जा से दौड़ पूरी की। अयोध्या में दौड़ना जीवन का विशेष अनुभव रहा।


