जमुई जिले के खैरा प्रखंड के गरही डेम और भगवान महावीर जन्मस्थल पर नववर्ष के अवसर पर भारी भीड़ उमड़ी। नए साल का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ इन प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर पहुंचे। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों का उत्साह चरम पर था। गरही डेम की प्राकृतिक सुंदरता ने पर्यटकों को खूब आकर्षित किया। यहां पहुंचे लोगों ने नाव की सवारी का आनंद लिया और जलराशि के मनमोहक दृश्यों का अवलोकन किया। इसी तरह, भगवान महावीर जन्मस्थल पर भी श्रद्धालुओं और सैलानियों की भारी भीड़ रही। लोगों ने महावीर स्थल पर वनभोज किया और मंदिर परिसर में समय बिताया। भगवान महावीर मंदिर के निर्माण और इसके धार्मिक महत्व के प्रति लोगों में विशेष आस्था दिखाई दी। गरही डेम खैरा प्रखंड का एक महत्वपूर्ण जलस्रोत और पर्यटन स्थल है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। वहीं, खैरा क्षेत्र में स्थित भगवान महावीर जन्मस्थल जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर से जुड़ा एक पवित्र स्थल है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। जमुई जिले के खैरा प्रखंड के गरही डेम और भगवान महावीर जन्मस्थल पर नववर्ष के अवसर पर भारी भीड़ उमड़ी। नए साल का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ इन प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर पहुंचे। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों का उत्साह चरम पर था। गरही डेम की प्राकृतिक सुंदरता ने पर्यटकों को खूब आकर्षित किया। यहां पहुंचे लोगों ने नाव की सवारी का आनंद लिया और जलराशि के मनमोहक दृश्यों का अवलोकन किया। इसी तरह, भगवान महावीर जन्मस्थल पर भी श्रद्धालुओं और सैलानियों की भारी भीड़ रही। लोगों ने महावीर स्थल पर वनभोज किया और मंदिर परिसर में समय बिताया। भगवान महावीर मंदिर के निर्माण और इसके धार्मिक महत्व के प्रति लोगों में विशेष आस्था दिखाई दी। गरही डेम खैरा प्रखंड का एक महत्वपूर्ण जलस्रोत और पर्यटन स्थल है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। वहीं, खैरा क्षेत्र में स्थित भगवान महावीर जन्मस्थल जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर से जुड़ा एक पवित्र स्थल है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।


