भागलपुर में माघी पूर्णिमा के मौके पर बरारी समेत अलग-अलग गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही गंगा स्नान के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयकारों से पूरा इलाका भक्तिमय हो गया। 50 हजार लोगों के आने की संभावना है। आज के दिन पुष्य नक्षत्र, प्रीति योग, आयुष्मान योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। श्रद्धालु पवित्र गंगा में स्नान कर दान-पुण्य कर रहे हैं। कई घरों में आज सत्यनारायण प्रभु की पूजा भी होगी। मान्यता के अनुसारआज के दिन संगम स्नान, गंगा स्नान या स्नान जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करने से अनंत पुण्यफल की प्राप्ति होगी। तुलसी पूजा के बाद उसमें घी एक दीपक दिखाने से घर में सुख-समृद्धि का वास होगा।
अलर्ट मोड में प्रशासन श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए बरारी सीढ़ी घाट, बरारी पुल घाट, मूसहरी घाट और काली घाट पर एसडीआरएफ की विशेष टीम, आपदा मित्र, प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई। घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि स्नान के दौरान कोई हादसा न हो। ज्यादा भीड़ के कारण घाटों पर फिसलन, गहरे पानी में जाने या भगदड़ जैसी घटनाएं हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव कार्य के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए हैं। एसडीआरएफ के जवान लाइफ जैकेट, रस्सी, नाव और अन्य उपकरणों के साथ पूरी तरह अलर्ट मोड में डटे हैं। घाटों पर आपदा मित्रों की ओर से श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोका जा रहा है। लगातार लाउडस्पीकर से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील प्रशासन की ओर से विशेष निर्देश दिए गए कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें। इस मौके पर एसडीआरएफ के नीलू कुमार के साथ आपदा मित्र अमित कुमार, रूपेश कुमार, तुलसी यादव, नीतीश कुमार, सनोज कुमार, मुनीलाल शाह और दिलीप यादव समेत अन्य कर्मी पूरे मुस्तैदी से डटे हैं। आपदा मित्र अमित ने बताया कि माघी पूर्णिमा को लेकर घाटों पर भीड़ काफी ज्यादा है। किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए हम सभी सतर्क हैं। श्रद्धालुओं से अपील है कि गहरे पानी में न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। भागलपुर में माघी पूर्णिमा के मौके पर बरारी समेत अलग-अलग गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही गंगा स्नान के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयकारों से पूरा इलाका भक्तिमय हो गया। 50 हजार लोगों के आने की संभावना है। आज के दिन पुष्य नक्षत्र, प्रीति योग, आयुष्मान योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। श्रद्धालु पवित्र गंगा में स्नान कर दान-पुण्य कर रहे हैं। कई घरों में आज सत्यनारायण प्रभु की पूजा भी होगी। मान्यता के अनुसारआज के दिन संगम स्नान, गंगा स्नान या स्नान जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करने से अनंत पुण्यफल की प्राप्ति होगी। तुलसी पूजा के बाद उसमें घी एक दीपक दिखाने से घर में सुख-समृद्धि का वास होगा।
अलर्ट मोड में प्रशासन श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए बरारी सीढ़ी घाट, बरारी पुल घाट, मूसहरी घाट और काली घाट पर एसडीआरएफ की विशेष टीम, आपदा मित्र, प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई। घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि स्नान के दौरान कोई हादसा न हो। ज्यादा भीड़ के कारण घाटों पर फिसलन, गहरे पानी में जाने या भगदड़ जैसी घटनाएं हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए राहत एवं बचाव कार्य के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए हैं। एसडीआरएफ के जवान लाइफ जैकेट, रस्सी, नाव और अन्य उपकरणों के साथ पूरी तरह अलर्ट मोड में डटे हैं। घाटों पर आपदा मित्रों की ओर से श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोका जा रहा है। लगातार लाउडस्पीकर से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील प्रशासन की ओर से विशेष निर्देश दिए गए कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें। इस मौके पर एसडीआरएफ के नीलू कुमार के साथ आपदा मित्र अमित कुमार, रूपेश कुमार, तुलसी यादव, नीतीश कुमार, सनोज कुमार, मुनीलाल शाह और दिलीप यादव समेत अन्य कर्मी पूरे मुस्तैदी से डटे हैं। आपदा मित्र अमित ने बताया कि माघी पूर्णिमा को लेकर घाटों पर भीड़ काफी ज्यादा है। किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए हम सभी सतर्क हैं। श्रद्धालुओं से अपील है कि गहरे पानी में न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।


