मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार सुबह कानपुर के सरसैया घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तड़के से ही लोग गंगा स्नान के लिए घाट पर पहुंचने लगे और श्रद्धा के साथ गंगा में डुबकी लगाकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया। श्रद्धालुओं ने सूर्य नमस्कार भी किया। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, घाट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जबकि नगर निगम कर्मी साफ-सफाई व्यवस्था में लगातार जुटे रहे। 3 तस्वीरें देखिए- मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। मान्यता है कि इसी के साथ दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया गया। स्नान-दान और सूर्य उपासना का पर्व
मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। भगवान सूर्य की उपासना की जाती है और खिचड़ी का दान किया जाता है। कई क्षेत्रों में इस पर्व को खिचड़ी पर्व के नाम से भी जाना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान को माना गया शुभ
मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान और सूर्य को अर्घ्य देने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। इस वर्ष 14 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 21 मिनट तक रहा। वहीं सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश शाम 3 बजकर 16 मिनट पर हुआ, जिसके बाद का समय भी स्नान के लिए अत्यंत शुभ माना गया।


