सहरसा में तूफान-बारिश से फसलें बर्बाद:सांसद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुआवजे की मांग की

सहरसा में तूफान-बारिश से फसलें बर्बाद:सांसद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुआवजे की मांग की

सहरसा और मधेपुरा जिलों के सांसद दिनेश चंद्र यादव ने बीते किसानो के फसलो के बर्बाद को लेकर सीएम को पत्र लिखा है। इसकी जानकारी मीडिया प्रवक्ता लुतफुल्ला ने सोमवार को मिडिया को दी। उन्होंने पत्र मे लिखा है कि बीते 20 मार्च 2026 की शाम आए तेज तूफान और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा में गेहूं और मक्का की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से जमीन पर गिर गईं, जिससे उत्पादन की उम्मीद लगभग समाप्त हो गई है। किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। मधेपुरा के सांसद दिनेश चंद्र यादव ने इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया सांसद यादव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि फसल की पूरी तरह बर्बादी के कारण किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द फसल क्षति का आकलन कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। सहरसा और मधेपुरा जिलों के सांसद दिनेश चंद्र यादव ने बीते किसानो के फसलो के बर्बाद को लेकर सीएम को पत्र लिखा है। इसकी जानकारी मीडिया प्रवक्ता लुतफुल्ला ने सोमवार को मिडिया को दी। उन्होंने पत्र मे लिखा है कि बीते 20 मार्च 2026 की शाम आए तेज तूफान और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा में गेहूं और मक्का की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से जमीन पर गिर गईं, जिससे उत्पादन की उम्मीद लगभग समाप्त हो गई है। किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। मधेपुरा के सांसद दिनेश चंद्र यादव ने इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया सांसद यादव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि फसल की पूरी तरह बर्बादी के कारण किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द फसल क्षति का आकलन कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।  

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