खगड़िया जिले में शुक्रवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश से रबी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसलें गिर गई हैं, जबकि आम और लीची के मंजर भी झड़ने की खबरें हैं। इस स्थिति के मद्देनजर जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की है। जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) अविनाश कुमार ने सभी कृषि कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर फसल क्षति का सर्वेक्षण करने का निर्देश जारी किया है। आज 3 बजे तक सौंपनी होगी नुकसान की रिपोर्ट जिला कृषि कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कृषि निदेशालय पटना और जिलाधिकारी खगड़िया के निर्देश पर फसल नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट 22 मार्च 2026 को दोपहर 3 बजे तक अनिवार्य रूप से सौंपनी होगी। समय सीमा का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। सर्वेक्षण कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और एटीएम/ग्रामीण प्रसार कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर खेतों का भौतिक निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे। कृषि पदाधिकारियों को मिला निगरानी का जिम्मा गोगरी और खगड़िया के अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों को इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा कर अपनी टिप्पणी भी जिला कार्यालय को भेजें। डीएओ अविनाश कुमार ने स्पष्ट किया है कि तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही फसल क्षति का आकलन कर राहत और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसलिए सर्वेक्षण कार्य में सटीकता और पारदर्शिता आवश्यक है। अचानक बदले मौसम से किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रशासन की त्वरित पहल से उन्हें राहत की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें सर्वेक्षण रिपोर्ट और उसके बाद मिलने वाले मुआवजे पर टिकी हैं। खगड़िया जिले में शुक्रवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश से रबी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसलें गिर गई हैं, जबकि आम और लीची के मंजर भी झड़ने की खबरें हैं। इस स्थिति के मद्देनजर जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की है। जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) अविनाश कुमार ने सभी कृषि कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर फसल क्षति का सर्वेक्षण करने का निर्देश जारी किया है। आज 3 बजे तक सौंपनी होगी नुकसान की रिपोर्ट जिला कृषि कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कृषि निदेशालय पटना और जिलाधिकारी खगड़िया के निर्देश पर फसल नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट 22 मार्च 2026 को दोपहर 3 बजे तक अनिवार्य रूप से सौंपनी होगी। समय सीमा का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। सर्वेक्षण कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और एटीएम/ग्रामीण प्रसार कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर खेतों का भौतिक निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे। कृषि पदाधिकारियों को मिला निगरानी का जिम्मा गोगरी और खगड़िया के अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों को इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा कर अपनी टिप्पणी भी जिला कार्यालय को भेजें। डीएओ अविनाश कुमार ने स्पष्ट किया है कि तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही फसल क्षति का आकलन कर राहत और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसलिए सर्वेक्षण कार्य में सटीकता और पारदर्शिता आवश्यक है। अचानक बदले मौसम से किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रशासन की त्वरित पहल से उन्हें राहत की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें सर्वेक्षण रिपोर्ट और उसके बाद मिलने वाले मुआवजे पर टिकी हैं।


