शाजापुर जिले में 27 जनवरी को हुई ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके बाद प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान शाजापुर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना के नाम नायब तहसीलदार गौरव पोरवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वाले किसानों ने बताया कि खेरखेड़ी, टांडा, मीरपुरा, बामनिया खेड़ी, भदोनी, जादमी, पतोली, गिरवर, हरणगांव, बारवा, भांडेडी और हामली सहित कुल 12 गांवों में तेज ओलावृष्टि हुई है। किसानों के अनुसार, गेहूं, चना, राई, आलू और प्याज जैसी प्रमुख फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इस नुकसान से उन्हें गंभीर आर्थिक क्षति हुई है। किसानों ने यह भी बताया कि फसल नुकसान को लेकर संबंधित ग्राम पंचायतों के पटवारियों द्वारा पंचनामा तैयार किया गया है, जिसे ज्ञापन के साथ संलग्न किया गया है।किसानों का कहना है कि फसलें पूरी तरह बर्बाद होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इससे आगामी कृषि कार्य भी प्रभावित होने की आशंका है। ज्ञापन में किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे और आकलन कराया जाए। उन्होंने प्रभावित किसानों को शीघ्र ही क्षतिपूर्ति के रूप में मुआवजा राशि प्रदान करने की अपील की।किसानों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द राहत प्रदान करेगा।


