पलवल में संयुक्त किसान मोर्चा ने जिले में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई रबी फसलों के लिए मुआवजे की मांग की है। मोर्चा ने किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपए का मुआवजा देने की अपील की है। इसके साथ ही, फसल खरीद प्रक्रिया के नियमों को सरल बनाने की भी मांग की गई है। ये मांगें जाट धर्मशाला में आयोजित एक बैठक के दौरान उठाई गईं। किसान नेताओं ने बताया कि उनकी अपील पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त (DC) ने ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल को फिर से खोल दिया है। इससे वे किसान अपनी फसल का पंजीकरण करा सकेंगे, जो पहले ऐसा नहीं कर पाए थे। किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान और धर्म चंद घुघेरा ने उपायुक्त के समक्ष रबी फसल की खरीद के लिए बनाए गए नए नियमों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि 12 प्रतिशत नमी की सख्त शर्त के कारण किसानों को अपनी फसल बेचने में कठिनाई हो रही है। नेताओं ने यह भी बताया कि गेट पास बनवाने के लिए किसानों को मंडियों में घंटों लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ रहा है। मोर्चा ने मांग की है कि खरीद प्रक्रिया के इन नियमों को तुरंत सरल किया जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। 50 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजे की मांग बैठक में ओलावृष्टि और खराब फसलों के लिए प्रति एकड़ 50 हजार रुपए मुआवजे की मांग पर भी जोर दिया गया। किसान नेताओं ने स्मरण कराया कि पिछले वर्ष भारी वर्षा और जलभराव से लाखों एकड़ खरीफ फसल बर्बाद हो गई थी, लेकिन सरकार की घोषणा के बावजूद पलवल के किसानों को अभी तक उसका मुआवजा नहीं मिला है। हाल ही में हुई बारिश, तेज आंधी और शनिवार को हुई ओलावृष्टि ने रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित गांवों में फसलों के नुकसान का तुरंत आकलन (विशेष गिरदावरी) कराया जाए।


