टोंक में बारिश ओलावृष्टि से मूंग और गेहूं फसल नुकसान हुआ, वहीं तापमान 7 डिग्री गिरने से ठंडक बढ़ गई। गुरुवार मध्यरात्रि बाद मौसम बदला और शुक्रवार अल सुबह सोप समेत कई गांवों में बारिश के साथ ओले गिरे। इससे रबी की मूंग फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जबकि तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली। शुक्रवार सुबह भी कई जगह बादल छाए नजर आए। मध्यरात्रि बाद बदला मौसम, कई जगह बारिश टोंक मुख्यालय समेत जिले के कई हिस्सों में गुरुवार मध्यरात्रि बाद मौसम बदल गया। कई इलाकों में हल्की और मध्यम गति से बेमौसम बारिश हुई। शुक्रवार को भी लगातार दूसरे दिन मौसम में ठंडक बनी रही। सुबह 5 बजे सोप और आसपास ओलावृष्टि शुक्रवार अल सुबह करीब 5 बजे सोप उप तहसील मुख्यालय समेत आसपास के गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। सोप ग्राम पंचायत क्षेत्र के मनोहरपुरा समेत एक दर्जन गांवों में करीब दस मिनट तक ओले गिरे, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ। मूंग की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हाल ही में बोई गई रबी की मूंग फसल ओलावृष्टि की चपेट में आ गई। फसल अभी जमीन से बाहर निकलना शुरू ही हुई थी कि ओलों की मार से पौधे टूट गए। इससे मूंग की फसल में काफी खराबा हुआ है। गेहूं फसल भी प्रभावित, किसानों को नुकसान किसानों किसना गोपाल और राधेश्याम ने बताया कि ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। रबी और खरीब दोनों तरह की फसलों पर असर पड़ा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। तापमान में गिरावट, ठंडक बढ़ी मौसम बदलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 24 घंटे में सात डिग्री गिरकर 25 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं। वहीं न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री गिरकर 16 डिग्री तक पहुंच गया। गर्मी से राहत, कूलर एसी बंद करने पड़े तापमान गिरने से मौसम सुहाना हो गया और गर्मी से राहत मिली। लोगों को हल्की ठंड का अहसास हुआ। गुरुवार रात तक चल रहे कूलर और एसी को शुक्रवार अल सुबह बंद करना पड़ा, जबकि पंखे भी कम गति से चलाने पड़े। मार्च में बढ़ी थी गर्मी, अब बदला मौसम इस साल जिले में सर्दी का असर कम रहा और कोहरा भी पिछले साल के मुकाबले कम देखने को मिला। मार्च की शुरुआत से ही गर्मी बढ़ने लगी थी और तापमान 35 डिग्री तक पहुंच गया था। लेकिन गुरुवार से मौसम में बदलाव आया, बादल छाए और रात के बाद बारिश शुरू हुई। इनपुट: सुरेश नागर, सोप


