हाईटेंशन लाइन से उजड़ी फसल, आहत किसान ने की आत्महत्या, 5 मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

हाईटेंशन लाइन से उजड़ी फसल, आहत किसान ने की आत्महत्या, 5 मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

रायपुर मारवाड़। भारत सरकार के उपक्रम पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से हाई टेंशन विद्युत लाइन डालते समय खड़ी फसल नष्ट होने से आहत एक किसान ने अपने खेत में फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक किसान की पहचान रायपुर उपखंड के ग्राम पंचायत बुटींवास के नाका का बाडिया, रामावास निवासी रामसिंह रावत (37) पुत्र बुधा सिंह के रूप में हुई है। मृतक के पांच बच्चे हैं।

ग्रामीणों का आक्रोश, मुआवजे की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, आर्थिक सहायता एवं बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

सीएसआर फंड से सहायता पर बनी सहमति

उपखंड अधिकारी सुमित्रा विश्नोई के निर्देश पर मौके पर पहुंचे रायपुर तहसीलदार नरेंद्र बापेडिया ने पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अधिकारियों से वार्ता की। ग्रामीणों की मांग पर कंपनी ने सीएसआर फंड से पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपए की सहायता देने का आश्वासन दिया।

इस दौरान भाजपा नेता रोहित गुर्जर, जैतारण आरएलपी जिलाध्यक्ष माधुराम चौधरी, जसवीर सिंह खरवा, पंचायत प्रतिनिधि नेन सिंह, रविंद्र वैष्णव, गणपत सिंह रावत, अमर सिंह रावत, अमर सिंह गुर्जर, गोविंद काठात, मनोहर मेघवाल, सुरेश सिंह रावत, जगदीश वैष्णव, विनोद जाट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

पुलिस में मामला दर्ज

मामले को लेकर मृतक के भाई किशन सिंह ने पुलिस थाना सेंदड़ा में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसका भाई बुधवार रात को भोजन कर सो गया था। इसके बाद रात में कब उठा, किसी को पता नहीं चला। गुरुवार सुबह ग्रामीणों से सूचना मिली कि रामसिंह ने खेत में पेड़ पर फंदा लगा लिया है। वह लंबे समय से आर्थिक तंगी के चलते मानसिक अवसाद में था। सूचना पर सेंदड़ा थाना अधिकारी हरिराम एवं बर थाना अधिकारी पन्नालाल मौके पर पहुंचे। सहमति बनने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।

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इन्होंने कहा

घटना की सूचना पर तहसीलदार को मौके पर भेजा गया। मुआवजे को लेकर संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों से वार्ता की गई। इस पर कंपनी की ओर से सीएसआर फंड के तहत पीड़ित परिवार को खराब हुई फसल का मुआवजा देने सहित पांच लाख रुपए की सहायता राशि का आश्वासन दिया गया। प्रशासन पूरे मामले पर निगरानी रख रहा है।

  • सुमित्रा विश्नोई, एसडीएम, रायपुर मारवाड़

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