कासगंज में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बरसात से किसानों की फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गई हैं। इस गंभीर स्थिति के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (अपना अधिकार) के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष कुसल सिंह के नेतृत्व में किसानों ने तहसील कासगंज में मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार गरिमा सिंह को सौंपा। किसान संगठन ने ज्ञापन में बताया कि इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया है। खेतों में तैयार खड़ी गेहूं, मक्का और नकदी फसलें, विशेषकर सब्जियां, पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने कर्ज और अपनी जमा-पूंजी लगाकर इन फसलों को तैयार किया था, जिससे अब वे गहरे आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं।
किसान यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व (लेखपाल) और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें प्रत्येक प्रभावित खेत का निष्पक्ष और स्थलीय सर्वे करें। संगठन ने 72 घंटे के भीतर सर्वे प्रक्रिया शुरू कर रिपोर्ट शासन को भेजने की भी मांग की है, ताकि वास्तविक नुकसान का सही आकलन हो सके। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि प्रभावित किसानों को फसल लागत के आधार पर अधिकतम राहत राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाए। इसके अतिरिक्त, बीमा कंपनियों द्वारा लंबित दावों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है। किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सात कार्य दिवसों में मुआवजे की ठोस योजना घोषित नहीं की गई, तो संगठन धरना-प्रदर्शन और कलेक्ट्रेट घेराव करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


