शेखपुरा में अरियरी प्रखंड की हुसैनाबाद पंचायत के विद्यापुर गांव में शुक्रवार को गेहूं की फसल का क्रॉप कटिंग कार्य विधिवत रूप से किया गया। इस दौरान एडीएम लखींद्र पासवान खेत में पहुंचे और कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों से संवाद भी किया। क्रॉप कटिंग का मुख्य उद्देश्य प्रति हेक्टेयर औसत उपज का वैज्ञानिक आकलन करना था। विद्यापुर के किसान चंद्रशेखर पासवान के खेत में निर्धारित मानक के अनुसार एक निश्चित भू-भाग को चिन्हित कर गेहूं की कटाई की गई। कटाई के बाद प्राप्त अनाज का वजन किया गया, जिसके आधार पर प्रखंड और जिला स्तर पर गेहूं की औसत पैदावार का डेटा तैयार किया जाएगा। फसल उत्पादन की वास्तविक स्थिति को समझना पहल का लक्ष्य इस पहल का लक्ष्य जिले में फसल उत्पादन की वास्तविक स्थिति को समझना है। इससे भविष्य में आपदा राहत, फसल बीमा और कृषि योजनाओं का लाभ किसानों को सटीक आंकड़ों के आधार पर मिल सकेगा। इस महत्वपूर्ण कृषि गतिविधि के दौरान प्रशासन और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी, किसान समन्वयक और संबंधित राजस्व कर्मी शामिल थे। आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार एडीएम लखींद्र पासवान ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से फसल अवशेष (पराली) न जलाने की अपील की और जैविक खाद के महत्व पर जोर दिया। क्रॉप कटिंग से प्राप्त आंकड़े जिला सांख्यिकी विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। ये आंकड़े न केवल उत्पादन की जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि सरकार को कृषि नीतियां बनाने में भी सहायता करते हैं। शेखपुरा में अरियरी प्रखंड की हुसैनाबाद पंचायत के विद्यापुर गांव में शुक्रवार को गेहूं की फसल का क्रॉप कटिंग कार्य विधिवत रूप से किया गया। इस दौरान एडीएम लखींद्र पासवान खेत में पहुंचे और कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों से संवाद भी किया। क्रॉप कटिंग का मुख्य उद्देश्य प्रति हेक्टेयर औसत उपज का वैज्ञानिक आकलन करना था। विद्यापुर के किसान चंद्रशेखर पासवान के खेत में निर्धारित मानक के अनुसार एक निश्चित भू-भाग को चिन्हित कर गेहूं की कटाई की गई। कटाई के बाद प्राप्त अनाज का वजन किया गया, जिसके आधार पर प्रखंड और जिला स्तर पर गेहूं की औसत पैदावार का डेटा तैयार किया जाएगा। फसल उत्पादन की वास्तविक स्थिति को समझना पहल का लक्ष्य इस पहल का लक्ष्य जिले में फसल उत्पादन की वास्तविक स्थिति को समझना है। इससे भविष्य में आपदा राहत, फसल बीमा और कृषि योजनाओं का लाभ किसानों को सटीक आंकड़ों के आधार पर मिल सकेगा। इस महत्वपूर्ण कृषि गतिविधि के दौरान प्रशासन और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी, किसान समन्वयक और संबंधित राजस्व कर्मी शामिल थे। आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार एडीएम लखींद्र पासवान ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से फसल अवशेष (पराली) न जलाने की अपील की और जैविक खाद के महत्व पर जोर दिया। क्रॉप कटिंग से प्राप्त आंकड़े जिला सांख्यिकी विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। ये आंकड़े न केवल उत्पादन की जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि सरकार को कृषि नीतियां बनाने में भी सहायता करते हैं।


