जिले की नगर पंचायत भरतकुंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपात्र लोगों को आवास मिलने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायतों के बाद सोहावल की उपजिलाधिकारी सविता ने गहन जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। गठित जांच टीम में तहसील के दो वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित क्षेत्र के लेखपाल और कानूनगो शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, नगर पंचायत भरतकुंड के अधिशासी अधिकारी और शहरी विकास अभिकरण का एक कर्मचारी भी इस टीम का हिस्सा होंगे। यह टीम तीन प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी: लाभार्थियों की वास्तविक पात्रता, आवास निर्माण का स्थल और संबंधित जमीन के वैध कागजात। इसका उद्देश्य योजना के तहत हुई अनियमितताओं का पता लगाना है। उपजिलाधिकारी सविता देवी ने स्पष्ट किया है कि जो लोग वास्तव में पात्र हैं, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। हालांकि, जिन लोगों ने नियमों का उल्लंघन कर योजना का लाभ लिया है, विशेषकर जिनके पास पहले से मकान है या जिन्होंने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में सरकारी धन की वसूली के साथ कानूनी कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, जिन लाभार्थियों को अभी तक भुगतान नहीं हुआ है, उनकी पात्रता का भी सत्यापन किया जाएगा। पात्र पाए जाने पर उन्हें शपथ पत्र के आधार पर आवास प्रदान किया जाएगा। यदि शपथ पत्र में कोई गलत जानकारी सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ केवल जरूरतमंदों तक ही पहुंचे। इसके लिए हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।


