हरियाणा के क्रिकेटर कनिष्क चौहान अब IPL में RCB की टीम में धमाल मचाने की तैयारी में जुट गए हैं। कनिष्क की प्रतिभा को पहचानते हुए दुनिया की सबसे लोकप्रिय लीग IPL ने भी उनके लिए दरवाजे खोल दिए हैं। कनिष्क चौहान को IPL में RCB की टीम ने शामिल किया है। IPL की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। झज्जर जिले के कुलाना के रहने वाले कनिष्क चौहान भी इस बार IPL में RCB की टीम से खेलते नजर आएंगे। हाल ही में हुए अंडर 19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में कनिष्क चौहान ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। कनिष्क को आरसीबी की टीम में बेस प्राइस 30 लाख रुपए में शामिल किया गया है। ऑल राउंडर की निभाएंगे भूमिका पिछले साल 16 दिसंबर को आईपीएल में खेलने वाली टीमों में शामिल करने के लिए खिलाड़ियों की बोली लगाई गई थी, उसी में झज्जर जिले के खिलाड़ी कनिष्क चौहान को भी जगह मिली है। कनिष्क चौहान दाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज और ऑफ-ब्रेक स्पिन गेंदबाज हैं। IPL में बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीदें कनिष्क के माता पिता का कहना है कि जिस प्रकार से उनके बेटे ने वर्ल्ड कप में अपना दबदबा दिखाया उसी प्रकार से अब उनसे आईपीएल में अपनी टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीदें हैं। IPL में RCB की टीम ने कनिष्क चौहान को ऑल राउंडर प्रदर्शन के लिए शामिल किया है। कनिष्क चौहान इंडिया अंडर 19 टीम में 8 वें नंबर पर बैटिंग करने आते हैं। अंडर 19 फाइनल में लगाए छक्के-चौके वहीं बोलिंग में टीम में वे 10 ओवर का स्पेल करते आए हैं। 2024 में अंडर 19 क्रिकेट टीम में उन्होंने जगह बनाने के बाद लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वर्ल्ड कप में कनिष्क पाकिस्तान के खिलाफ हुए मैच में प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार जीत चुके हैं। कनिष्क चौहान ने फाइनल में इंग्लैंड के बॉलर को छक्के-चौके लगाकर 37 रन बनाएं थे। इंग्लैंड टीम के कप्तान को किया था आउट उसके अलावा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड टीम के खिलाफ फाइनल मुकाबले में 20 गेंदों में 37 रन बनाकर स्कोर 400 पार ले जाने में उनका बेहतरीन योगदान रहा है। साथ ही फाइनल मुकाबले में कनिष्क चौहान ने इंग्लैंड टीम के कप्तान थॉमस की विकेट के साथ मुकाबले की आखिरी विकेट लेकर भारत को जीत दिलाई थी। कनिष्क के यहां तक पहुंचने की कहानी 4 साल की उम्र में खेलना शुरू किया: परिवार मूलरूप से झज्जर के कुलाना गांव का कनिष्क के पिता प्रदीप कुमार खेतीबाड़ी करते हैं और माता सरिता गृहिणी हैं। कनिष्क का जन्म 26 सितंबर 2006 को हुआ। वह परिवार के इकलौते बेटे हैं। कनिष्क ने बचपन से ही क्रिकेट में दिलचस्पी दिखाई। 4 साल की उम्र में ही गाजियाबाद में एकेडमी जॉइन की। 8 साल की उम्र में एकेडमी में चयन: 8 साल की उम्र में कनिष्क ने सिरसा में ट्रायल दिया। डेरा सच्चा सौदा में फैसिलिटी अच्छी थी, तो वहीं पर कोचिंग रेगुलर कर दी। बेटे की तैयारी के लिए साल 2014 में परिवार ने झज्जर से सिरसा शिफ्ट कर लिया। कनिष्क ने डेरा सच्चा सौदा के शाह जी सतनाम स्टेडियम में क्रिकेट खेलना शुरू किया। 2024 में पहली बार इंटरनेशनल स्तर पर मौका: करीब 14-15 साल की ट्रेनिंग के बाद कनिष्क को पहली बार इंटरनेशनल खेलने का मौका साल 2024 में मिला। जब अंडर-19 टीम में उनका चयन हुआ। इंग्लैंड की टीम के साथ डेब्यू मैच खेला। कनिष्क ने इंग्लैंड में 5 वनडे मैच खेले, जिनमें 8 विकेट चटकाए। साथ ही 114 रन बनाए थे। इस प्रदर्शन के लिए कनिष्क को बेस्ट ऑल राउंडर ऑफ द सीरीज मिला। ऑस्ट्रेलिया में मौका मिला: इंग्लैंड के अपने पहले दौरे पर किए प्रदर्शन के आधार पर कनिष्क का चयन ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए हुआ। फिर चैलेंजर ट्रॉफी और अफगानिस्तान के साथ खेले। उनमें परफॉर्मेंस के आधार पर ही अंडर-19 एशिया कप के लिए टीम में नाम आया। एशिया कप में भी अच्छा प्रर्दशन : कनिष्क ने अंडर-19 एशिया कप के लीग मुकाबलों में पाकिस्तान के खिलाफ बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन किया। 14 दिसंबर को हुए मैच में उनके बल्ले से 46 रन निकले और 3 विकेट भी लिए। हरफनमौला प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार मिला। अब वर्ल्ड कप टीम में चयन के पीछे यह प्रदर्शन आधार बना। मां को क्रिकेट का शौक, खुद खिलाड़ी बनना चाहती थीं। मां सरिता चौहान को क्रिकेट का शौक: कनिष्क की मां सरिता चौहान बताती हैं, मुझे खुद क्रिकेट का बहुत शौक था। कभी खुद के मन में भी इच्छा थी कि क्रिकेटर बनूं। मायका गाजियाबाद में है, इसलिए, कनिष्क जब 4 साल का था, तभी उसे गाजियाबाद में एकेडमी जॉइन कराई। अब पूरा परिवार क्रिकेट देखता है। कनिष्क को क्रिकेटर बनाना मेरी इच्छा रही है।


