बरेली सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने कलेक्ट्रेट सभागार में परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप बरेली के संवेदनशील हाईवे पर एम्बुलेंस और क्रेन की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान जब सांसद ने इस पर जोर दिया, तो परिवहन अधिकारी ने आश्वस्त किया कि वर्तमान में सभी हाईवे पर 24 घंटे एम्बुलेंस और क्रेन की व्यवस्था सक्रिय है। कोहरे से निपटने के लिए फॉग लाइट
सांसद ने बढ़ते कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों और टोल प्लाजा पर पर्याप्त संख्या में फॉग लाइटें लगाई जाएं ताकि दृश्यता बनी रहे। साथ ही, जहां भी निर्माण कार्य चल रहा है, वहां ब्लिंकर्स और संकेतक चिन्ह अनिवार्य रूप से लगाए जाएं ताकि वाहन चालक समय रहते सचेत हो सकें। आवारा पशुओं के गले में रिफ्लेक्टर बेल्ट
सड़क हादसों को रोकने के लिए सांसद ने एक अनूठी पहल का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बरेली-नैनीताल मार्ग सहित अन्य सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं को तत्काल गौशाला भेजा जाए। साथ ही, इन पशुओं के गले में रिफ्लेक्टर बेल्ट पहनाई जाए ताकि रात के अंधेरे में वाहन चालकों को पशु दूर से ही नजर आ जाएं और टक्कर न हो। गन्ना ट्रालियों पर लाल कपड़ा और रिफ्लेक्टर
गन्ना पेराई सत्र को देखते हुए जिला गन्ना अधिकारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं। सांसद ने कहा कि रात के समय सड़कों पर बड़ी संख्या में गन्ना ट्रालियां निकलती हैं, जो अक्सर हादसों का सबब बनती हैं। अब हर ट्राली के पीछे लाल रंग का कपड़ा या रिफ्लेक्टर टेप लगाना अनिवार्य होगा, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों को स्पष्ट संकेत मिल सके। बिना मानक दौड़ रही स्कूली बसों पर कार्रवाई
बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सांसद ने जिले में संचालित स्कूली बसों के निरीक्षण के आदेश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि जो भी बस मानक के अनुरूप नहीं पाई जाएगी, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा शहर में अवैध रूप से सड़क किनारे खड़ी होने वाली बसों को हटाकर उन्हें उचित पार्किंग में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। ड्रिंक एंड ड्राइव पर डीएम का सख्त रुख
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजमार्गों पर शराब की दुकानों के कोई भी संकेतक (साइन बोर्ड) न लगाए जाएं और दुकानें केवल निर्धारित मानक के अनुसार ही संचालित हों। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। ब्लैक स्पॉट सुधारने के लिए डेडलाइन
डीएम ने समीक्षा के दौरान पाया कि जिले में अभी भी 17 ‘ब्लैक स्पॉट’ (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) ऐसे हैं जहां सुधार कार्य लंबित है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को इन कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने की चेतावनी दी। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि 18 वर्ष से कम उम्र के छात्रों को तेज रफ्तार वाहन न चलाने के प्रति जागरूक करने के लिए हर सप्ताह जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएं।


