सहरसा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने बिहार की बेटियों पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने वीर कुंवर सिंह चौक के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। यह टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से जुड़ी उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू ने की थी। भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण ने इस बयान की कड़ी निंदा की। साहू ने कथित तौर पर कहा था कि “बिहारी लड़कियां 20-25 हजार रुपये में कहीं भी शादी के लिए उपलब्ध हैं।” ओमप्रकाश नारायण ने इस बयान को न केवल बिहार का अपमान बताया, बल्कि महिलाओं की गरिमा और भारतीय संस्कृति पर भी सीधा हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बयान अत्यंत आपत्तिजनक है। भाजपा ने नहीं की कोई ठोस कार्रवाई नारायण ने आश्चर्य व्यक्त किया कि इस बयान के खिलाफ देशव्यापी विरोध के बावजूद भाजपा ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। संबंधित मंत्री ने भी सार्वजनिक रूप से आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे भाजपा नेतृत्व का इस तरह के बयानों को मौन समर्थन देना स्पष्ट होता है। भाकपा नेता ने आगे कहा कि भाजपा नेताओं और उनसे जुड़े लोगों द्वारा ऐसी बयानबाजी नई बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के शीर्ष नेता चुप्पी साधकर ऐसे बयानों को बढ़ावा देते हैं। उनके अनुसार, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘नारी शक्ति वंदन’ जैसे नारे केवल दिखावा हैं, जबकि वास्तविकता में महिलाओं का सम्मान लगातार कम किया जा रहा है। ‘भाजपा मुक्त भारत’ की लड़ाई को बताया आवश्यक ओमप्रकाश नारायण ने भाजपा की कथनी और करनी में अंतर बताते हुए कहा कि नारी सशक्तिकरण के नाम पर वोट बैंक की राजनीति की जा रही है। उन्होंने सामाजिक न्याय और नारी मुक्ति के लिए ‘भाजपा मुक्त भारत’ की लड़ाई को आवश्यक बताया। इस पुतला दहन कार्यक्रम का नेतृत्व भाकपा सहरसा जिला सचिव परमानंद ठाकुर ने किया। कार्यक्रम में भवेश यादव, कामरेड अजीत सिंह, प्रभु लाल दास, मोहम्मद जाकिर, शंकर कुमार, संतोष कुमार, धर्मेंद्र कुमार, राधेश्याम मंडल, हीरा देवी, अमित मंडल, मंतोष मंडल, कार्तिक कुमार, मुकेश पासवान सहित कई भाकपा कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। सहरसा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने बिहार की बेटियों पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने वीर कुंवर सिंह चौक के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। यह टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से जुड़ी उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू ने की थी। भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण ने इस बयान की कड़ी निंदा की। साहू ने कथित तौर पर कहा था कि “बिहारी लड़कियां 20-25 हजार रुपये में कहीं भी शादी के लिए उपलब्ध हैं।” ओमप्रकाश नारायण ने इस बयान को न केवल बिहार का अपमान बताया, बल्कि महिलाओं की गरिमा और भारतीय संस्कृति पर भी सीधा हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बयान अत्यंत आपत्तिजनक है। भाजपा ने नहीं की कोई ठोस कार्रवाई नारायण ने आश्चर्य व्यक्त किया कि इस बयान के खिलाफ देशव्यापी विरोध के बावजूद भाजपा ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। संबंधित मंत्री ने भी सार्वजनिक रूप से आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे भाजपा नेतृत्व का इस तरह के बयानों को मौन समर्थन देना स्पष्ट होता है। भाकपा नेता ने आगे कहा कि भाजपा नेताओं और उनसे जुड़े लोगों द्वारा ऐसी बयानबाजी नई बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के शीर्ष नेता चुप्पी साधकर ऐसे बयानों को बढ़ावा देते हैं। उनके अनुसार, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘नारी शक्ति वंदन’ जैसे नारे केवल दिखावा हैं, जबकि वास्तविकता में महिलाओं का सम्मान लगातार कम किया जा रहा है। ‘भाजपा मुक्त भारत’ की लड़ाई को बताया आवश्यक ओमप्रकाश नारायण ने भाजपा की कथनी और करनी में अंतर बताते हुए कहा कि नारी सशक्तिकरण के नाम पर वोट बैंक की राजनीति की जा रही है। उन्होंने सामाजिक न्याय और नारी मुक्ति के लिए ‘भाजपा मुक्त भारत’ की लड़ाई को आवश्यक बताया। इस पुतला दहन कार्यक्रम का नेतृत्व भाकपा सहरसा जिला सचिव परमानंद ठाकुर ने किया। कार्यक्रम में भवेश यादव, कामरेड अजीत सिंह, प्रभु लाल दास, मोहम्मद जाकिर, शंकर कुमार, संतोष कुमार, धर्मेंद्र कुमार, राधेश्याम मंडल, हीरा देवी, अमित मंडल, मंतोष मंडल, कार्तिक कुमार, मुकेश पासवान सहित कई भाकपा कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।


