मऊ जिले के जिला कलेक्ट्रेट परिसर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यकर्ताओं ने शाहजहांपुर में क्रांतिकारियों की मूर्तियां तोड़े जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान भाकपा नेताओं ने कहा कि काकोरी कांड के नायक राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की वैचारिक धरोहर हैं। उन्होंने जोर दिया कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे शहीदों की स्मृतियों से छेड़छाड़ पूरे देश का अपमान है। दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई नेताओं ने बताया कि 23 मार्च, जिसे भगत सिंह शहादत दिवस के रूप में मनाया जाता है, उसी दिन शाहजहांपुर से मूर्तियां तोड़े जाने की खबर सामने आना दुखद और निंदनीय है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नगर निगम ने अमर शहीदों की प्रतिमाओं को बुलडोजर से गिराकर उनके अवशेष डंपिंग ग्राउंड में फेंक दिए थे। भाकपा कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखीं। मूर्ति तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाए। तोड़ी गई मूर्तियों को तत्काल पुनर्स्थापित किया जाए। भविष्य में ऐसे कृत्यों को रोकने के लिए कठोर कानूनी व्यवस्था लागू की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


