शेखपुरा में CPI का विरोध मार्च:महंगाई और गैस किल्लत पर प्रदर्शन, शहर में रैली के बाद PM मोदी का पुतला फूंका

शेखपुरा में CPI का विरोध मार्च:महंगाई और गैस किल्लत पर प्रदर्शन, शहर में रैली के बाद PM मोदी का पुतला फूंका

शेखपुरा में रविवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के कार्यकर्ताओं ने महंगाई और रसोई गैस की किल्लत के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रतिरोध मार्च निकाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। सीपीआई कार्यालय कार्यानंद शर्मा भवन से शुरू हुआ यह मार्च पटेल चौक, खांड पर और कटरा चौक होते हुए चांदनी चौक स्थित संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल तक पहुंचा। यहीं पर आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। व्यावसायिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई
इस अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पूरे देश में महंगाई चरम पर है। रसोई गैस की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि और किल्लत के कारण किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान, महिलाएं और छोटे व्यवसायी सभी परेशान हैं। उन्हें दो वक्त का खाना बनाने में भी दिक्कतें आ रही हैं। पाण्डेय ने आगे कहा कि युद्ध के कारण देश में रसोई गैस और व्यावसायिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर चुप है। उन्होंने मांग की कि सरकार को आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी दलों के साथ बैठक कर नई रणनीति बनानी चाहिए। बड़े व्यवसायी कालाबाजारी करके उठा रहे
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रसोई गैस की कीमत वृद्धि और किल्लत का फायदा बड़े व्यवसायी कालाबाजारी करके उठा रहे हैं, जिसमें सरकारी नुमाइंदों का संरक्षण भी मिल रहा है। सीपीआई इसे बर्दाश्त नहीं करेगी और यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस आंदोलन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सहायक जिला सचिव गुलेश्वर यादव, विश्वनाथ प्रसाद, दिनेश कुमार, राजेंद्र महतो, अवधेश दास, सीता देवी, सबो देवी, नीरज पासवान, ललित शर्मा, धुरी पासवान, गणेश रविदास, मानिकचंद यादव, शिवनारायण शर्मा, अनिल कुमार दास, कमलेश दास, दुर्गा मांझी, कैलाश दास और सुजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। शेखपुरा में रविवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के कार्यकर्ताओं ने महंगाई और रसोई गैस की किल्लत के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रतिरोध मार्च निकाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। सीपीआई कार्यालय कार्यानंद शर्मा भवन से शुरू हुआ यह मार्च पटेल चौक, खांड पर और कटरा चौक होते हुए चांदनी चौक स्थित संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल तक पहुंचा। यहीं पर आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। व्यावसायिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई
इस अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पूरे देश में महंगाई चरम पर है। रसोई गैस की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि और किल्लत के कारण किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान, महिलाएं और छोटे व्यवसायी सभी परेशान हैं। उन्हें दो वक्त का खाना बनाने में भी दिक्कतें आ रही हैं। पाण्डेय ने आगे कहा कि युद्ध के कारण देश में रसोई गैस और व्यावसायिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर चुप है। उन्होंने मांग की कि सरकार को आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी दलों के साथ बैठक कर नई रणनीति बनानी चाहिए। बड़े व्यवसायी कालाबाजारी करके उठा रहे
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रसोई गैस की कीमत वृद्धि और किल्लत का फायदा बड़े व्यवसायी कालाबाजारी करके उठा रहे हैं, जिसमें सरकारी नुमाइंदों का संरक्षण भी मिल रहा है। सीपीआई इसे बर्दाश्त नहीं करेगी और यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस आंदोलन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सहायक जिला सचिव गुलेश्वर यादव, विश्वनाथ प्रसाद, दिनेश कुमार, राजेंद्र महतो, अवधेश दास, सीता देवी, सबो देवी, नीरज पासवान, ललित शर्मा, धुरी पासवान, गणेश रविदास, मानिकचंद यादव, शिवनारायण शर्मा, अनिल कुमार दास, कमलेश दास, दुर्गा मांझी, कैलाश दास और सुजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।  

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