सहारनपुर के रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र में गौकशी के दो मामलों में वांछित 25,000 रुपये के इनामी बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। पुलिस इसे एक बड़ी सफलता मान रही है। पुलिस के मुताबिक, पहला मामला 3 दिसंबर 2025 का है। गांव घाटेडा निवासी कोमल सिंह ने रामपुर मनिहारान थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि जंगल क्षेत्र में गौकशी कर अवशेष गन्ने के खेत में फेंक दिए गए थे। इस संबंध में गौवध अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। दूसरा मामला 14 दिसंबर 2025 का है, जब गांव लुण्ढी निवासी आकाश चौधरी ने उमाही कलां नहर में गौकशी के अवशेष फेंके जाने की तहरीर दी। इस मामले में भी रामपुर मनिहारान थाने में गौवध अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। दोनों घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिससे गांव चकवाली निवासी इलियास पुत्र शरीफ का नाम सामने आया। आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर, सहारनपुर के एसएसपी ने 31 जनवरी 2026 को उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद पुलिस टीमों ने अपनी निगरानी बढ़ा दी। एसएसपी के निर्देश पर, एसपी सिटी के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शुक्रवार को शहरी पुल क्षेत्र से इलियास को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ रामपुर मनिहारान थाने में गौवध अधिनियम के दो मामलों के अतिरिक्त, वर्ष 2008 में धारा 382 के तहत एक मुकदमा दर्ज है। वर्ष 2016 में बड़गांव थाने में भी गौवध अधिनियम के तहत एक और मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा, वर्ष 2025 में बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और आर्म्स एक्ट के तहत भी उस पर मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे निर्धारित समय पर कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी अभियान में प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम यादव सहित कुल पांच पुलिसकर्मी शामिल थे।


