खगड़िया में मां के सामने मीशो कर्मचारी की उसके चचेरे भाई ने 3 गोली मारकर हत्या कर दी। घटना परबत्ता प्रखंड के छोटी लगार गांव की है। मृतक की पहचान पप्पू यादव के बेटे बृजेश कुमार यादव(26) के रूप में हुई है। वहीं आरोपी भाई की पहचान के. के. यादव के बेटे ऋतिक कुमार यादव के रूप में हुई है, जो फिलहाल फरार है। शुक्रवार रात करीब 10 बजे बृजेश कुमार यादव अपने घर से लगभग 50 मीटर दूर खड़े होकर मोबाइल पर वीडियो कॉल कर रहा था। इसी बीच वहां आरोपी ऋतिक कुमार यादव पहुंचा और बिना किसी बातचीत के सीधे गोली चला दी। बेटे को बचाने के लिए चिल्लाती रही मां पहली गोली बृजेश की बांह में लगी। घायल बृजेश जान बचाने के लिए भागे, लेकिन कुछ दूरी पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी ने उनके सिर में दो और गोलियां मारीं। कुल तीन गोलियां लगने से बृजेश की मौके पर ही मौत हो गई। बृजेश की मां अपने बेटे को बचाने के लिए चिल्लाती रहीं, लेकिन उनकी आंखों के सामने ही हत्या कर दी गई। बहन की शादी के लिए चाचा से लिया था पैसा मृतक के जीजा प्रियदर्शन कुमार सुधांशु ने बताया कि बृजेश ने अपनी बहन की शादी के लिए अपने चाचा से कर्ज लिया था। उन्होंने यह पैसा चुका दिया था। हाल ही में करीब एक लाख रुपए का ऑनलाइन भुगतान भी किया गया था, जिसका प्रमाण उनके पास मौजूद है। इसके बावजूद पैसों को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ। करीब दो महीने पहले भी दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई थी। जीजा का आरोप है कि उसी समय आरोपी ने बृजेश को जान से मारने की धमकी भी दी थी, जो अब सच साबित हुई। उन्होंने यह भी बताया कि बृजेश का छोटा भाई बाहर रहता है और बृजेश इन दिनों छुट्टी में घर आया हुआ था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि घर वापसी उसके लिए मौत बन जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही परबत्ता थाना अध्यक्ष प्रमोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया है। आरोपी की तलाश कर रही पुलिस थाना अध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी विवाद, खासकर पैसों के लेन-देन से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी बिंदुओं पर गहन जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे पकड़ लेने का दावा किया गया है। खगड़िया में मां के सामने मीशो कर्मचारी की उसके चचेरे भाई ने 3 गोली मारकर हत्या कर दी। घटना परबत्ता प्रखंड के छोटी लगार गांव की है। मृतक की पहचान पप्पू यादव के बेटे बृजेश कुमार यादव(26) के रूप में हुई है। वहीं आरोपी भाई की पहचान के. के. यादव के बेटे ऋतिक कुमार यादव के रूप में हुई है, जो फिलहाल फरार है। शुक्रवार रात करीब 10 बजे बृजेश कुमार यादव अपने घर से लगभग 50 मीटर दूर खड़े होकर मोबाइल पर वीडियो कॉल कर रहा था। इसी बीच वहां आरोपी ऋतिक कुमार यादव पहुंचा और बिना किसी बातचीत के सीधे गोली चला दी। बेटे को बचाने के लिए चिल्लाती रही मां पहली गोली बृजेश की बांह में लगी। घायल बृजेश जान बचाने के लिए भागे, लेकिन कुछ दूरी पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी ने उनके सिर में दो और गोलियां मारीं। कुल तीन गोलियां लगने से बृजेश की मौके पर ही मौत हो गई। बृजेश की मां अपने बेटे को बचाने के लिए चिल्लाती रहीं, लेकिन उनकी आंखों के सामने ही हत्या कर दी गई। बहन की शादी के लिए चाचा से लिया था पैसा मृतक के जीजा प्रियदर्शन कुमार सुधांशु ने बताया कि बृजेश ने अपनी बहन की शादी के लिए अपने चाचा से कर्ज लिया था। उन्होंने यह पैसा चुका दिया था। हाल ही में करीब एक लाख रुपए का ऑनलाइन भुगतान भी किया गया था, जिसका प्रमाण उनके पास मौजूद है। इसके बावजूद पैसों को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ। करीब दो महीने पहले भी दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई थी। जीजा का आरोप है कि उसी समय आरोपी ने बृजेश को जान से मारने की धमकी भी दी थी, जो अब सच साबित हुई। उन्होंने यह भी बताया कि बृजेश का छोटा भाई बाहर रहता है और बृजेश इन दिनों छुट्टी में घर आया हुआ था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि घर वापसी उसके लिए मौत बन जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही परबत्ता थाना अध्यक्ष प्रमोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया है। आरोपी की तलाश कर रही पुलिस थाना अध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी विवाद, खासकर पैसों के लेन-देन से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी बिंदुओं पर गहन जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे पकड़ लेने का दावा किया गया है।


