बक्सर जिले में 24 साल पुराने हत्या के एक मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम उदय प्रताप सिंह की अदालत ने आरोपी रामेश्वर राम को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माना राशि जमा नहीं की जाती है, तो आरोपी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह घटना 30 अप्रैल 2002 को बगेन गोला थाना क्षेत्र के भदवर गांव में हुई थी। पानी के बहाव को लेकर दो पक्षों के बीच हो गया था विवाद जानकारी के अनुसार, उस समय नाली के पानी के बहाव को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। यह विवाद मारपीट में बदल गया, जिसमें मेधनाथ राम को बुरी तरह पीटा गया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर मृतक मेधनाथ राम के पक्ष से अयोध्या राम ने बगेन गोला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में रामेश्वर राम, खखनु राम और सहबीर राम को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके बाद कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। ट्रायल के दौरान नामजद दो अभियुक्तों की मृत्यु हो गई अपर लोक अभियोजक जयराम सिंह ने बताया कि मामले के ट्रायल के दौरान नामजद अभियुक्त खखनु राम और सहबीर राम की मृत्यु हो गई। इसके बाद अदालत में केवल आरोपी रामेश्वर राम के खिलाफ ही सुनवाई जारी रही। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को ध्यानपूर्वक सुना गया। सभी तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अदालत ने रामेश्वर राम को हत्या का दोषी पाया और यह फैसला सुनाया। करीब 24 साल पुराने इस मामले में आए फैसले को लेकर मृतक के परिजनों ने न्याय मिलने की बात कही है। वहीं इस फैसले के बाद क्षेत्र में भी इसकी चर्चा बनी हुई है। बक्सर जिले में 24 साल पुराने हत्या के एक मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम उदय प्रताप सिंह की अदालत ने आरोपी रामेश्वर राम को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माना राशि जमा नहीं की जाती है, तो आरोपी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह घटना 30 अप्रैल 2002 को बगेन गोला थाना क्षेत्र के भदवर गांव में हुई थी। पानी के बहाव को लेकर दो पक्षों के बीच हो गया था विवाद जानकारी के अनुसार, उस समय नाली के पानी के बहाव को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। यह विवाद मारपीट में बदल गया, जिसमें मेधनाथ राम को बुरी तरह पीटा गया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर मृतक मेधनाथ राम के पक्ष से अयोध्या राम ने बगेन गोला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में रामेश्वर राम, खखनु राम और सहबीर राम को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके बाद कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। ट्रायल के दौरान नामजद दो अभियुक्तों की मृत्यु हो गई अपर लोक अभियोजक जयराम सिंह ने बताया कि मामले के ट्रायल के दौरान नामजद अभियुक्त खखनु राम और सहबीर राम की मृत्यु हो गई। इसके बाद अदालत में केवल आरोपी रामेश्वर राम के खिलाफ ही सुनवाई जारी रही। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को ध्यानपूर्वक सुना गया। सभी तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अदालत ने रामेश्वर राम को हत्या का दोषी पाया और यह फैसला सुनाया। करीब 24 साल पुराने इस मामले में आए फैसले को लेकर मृतक के परिजनों ने न्याय मिलने की बात कही है। वहीं इस फैसले के बाद क्षेत्र में भी इसकी चर्चा बनी हुई है।


