नहर में गिरी कार, दंपती की मौत:भतीजे-बेटे ने तैर कर बचाई जान, औरंगाबाद से पत्नी का इलाज कराने जा रहे थे, बिहटा में हादसा

नहर में गिरी कार, दंपती की मौत:भतीजे-बेटे ने तैर कर बचाई जान, औरंगाबाद से पत्नी का इलाज कराने जा रहे थे, बिहटा में हादसा

पटना के बिहटा में बुधवार को कार नहर में गिर गई। इसमें औरंगाबाद के एक दंपती की मौत हो गई। जबकि, बेटे और ड्राइवर ने कूद कर अपनी जान बचाई। ये हादसा तब हुआ, जब जितेंद्र अपनी पत्नी के स्पाइनल ऑपरेशन के बाद रुटीन चेकअप के लिए जा रहे थे। मृतकों की पहचान कुटुंबा थाना क्षेत्र के सरईबार गांव निवासी स्व. लाख देव ठाकुर के बेटे जितेंद्र कुमार (54) और उनकी पत्नी मालती देवी (45) के रूप में हुई है। दोनों पटना इलाज के लिए जा रहे थे, तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। मालती देवी का दो महीने पहले पटना के एक निजी अस्पताल में स्पाइनल ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद रूटीन चेकअप के लिए वे अपने पति जितेंद्र कुमार के साथ पटना जा रही थीं। मृतक के बहनोई शैलेश ठाकुर ने बताया है कि ये दोनों इलाज कराने के लिए पटना जा रहे थे। तभी बिहटा में कार पर नियंत्रण खो देने के कारण एक्सीडेंट हुआ। पति -पत्नी की मौत हो गई। जबकि, भतीजे और बेटे ने तैर कर जान बचाई है। भतीजे-बेटे ने तैर कर बचाई जान कार मृतक के भतीजे अंबुज कुमार उर्फ पुतुल चला रहे थे, जबकि बेटा हिमांशु कुमार उर्फ मोनू भी साथ में था। विक्रम थाना क्षेत्र अंतर्गत मोजक्का टोला गांव के पास नहर मार्ग पर अचानक ड्राइवर का नियंत्रण गाड़ी से हट गया। तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर सीधे नहर में जा गिरी। भतीजे अंबुज और हिमांशु ने कार का दरवाजा खोलकर नहर में छलांग लगा दी और तैरकर बाहर निकल आए। लेकिन कार में फंसे जितेंद्र कुमार और मालती देवी पानी अधिक होने के कारण बाहर नहीं निकल सके और डूबने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत विक्रम थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से कार को नहर से बाहर निकलवाया गया। काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के बेटे हिमांशु और भतीजे अंबुज ने परिजनों को सूचना दी। खबर मिलते ही औरंगाबाद से परिवार के सदस्य पटना के लिए रवाना हो गए। जितेंद्र कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। तीनों भाई औरंगाबाद शहर में अलग-अलग स्थानों पर मकान बनाकर रहते हैं। जितेंद्र अपने परिवार के साथ गांधीनगर स्थित घर में रहते थे और वहीं से बुधवार सुबह पटना के लिए निकले थे। मृतक दंपति अपने पीछे दो बेटों को छोड़ गए हैं। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है। पटना के बिहटा में बुधवार को कार नहर में गिर गई। इसमें औरंगाबाद के एक दंपती की मौत हो गई। जबकि, बेटे और ड्राइवर ने कूद कर अपनी जान बचाई। ये हादसा तब हुआ, जब जितेंद्र अपनी पत्नी के स्पाइनल ऑपरेशन के बाद रुटीन चेकअप के लिए जा रहे थे। मृतकों की पहचान कुटुंबा थाना क्षेत्र के सरईबार गांव निवासी स्व. लाख देव ठाकुर के बेटे जितेंद्र कुमार (54) और उनकी पत्नी मालती देवी (45) के रूप में हुई है। दोनों पटना इलाज के लिए जा रहे थे, तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। मालती देवी का दो महीने पहले पटना के एक निजी अस्पताल में स्पाइनल ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद रूटीन चेकअप के लिए वे अपने पति जितेंद्र कुमार के साथ पटना जा रही थीं। मृतक के बहनोई शैलेश ठाकुर ने बताया है कि ये दोनों इलाज कराने के लिए पटना जा रहे थे। तभी बिहटा में कार पर नियंत्रण खो देने के कारण एक्सीडेंट हुआ। पति -पत्नी की मौत हो गई। जबकि, भतीजे और बेटे ने तैर कर जान बचाई है। भतीजे-बेटे ने तैर कर बचाई जान कार मृतक के भतीजे अंबुज कुमार उर्फ पुतुल चला रहे थे, जबकि बेटा हिमांशु कुमार उर्फ मोनू भी साथ में था। विक्रम थाना क्षेत्र अंतर्गत मोजक्का टोला गांव के पास नहर मार्ग पर अचानक ड्राइवर का नियंत्रण गाड़ी से हट गया। तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर सीधे नहर में जा गिरी। भतीजे अंबुज और हिमांशु ने कार का दरवाजा खोलकर नहर में छलांग लगा दी और तैरकर बाहर निकल आए। लेकिन कार में फंसे जितेंद्र कुमार और मालती देवी पानी अधिक होने के कारण बाहर नहीं निकल सके और डूबने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत विक्रम थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से कार को नहर से बाहर निकलवाया गया। काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के बेटे हिमांशु और भतीजे अंबुज ने परिजनों को सूचना दी। खबर मिलते ही औरंगाबाद से परिवार के सदस्य पटना के लिए रवाना हो गए। जितेंद्र कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। तीनों भाई औरंगाबाद शहर में अलग-अलग स्थानों पर मकान बनाकर रहते हैं। जितेंद्र अपने परिवार के साथ गांधीनगर स्थित घर में रहते थे और वहीं से बुधवार सुबह पटना के लिए निकले थे। मृतक दंपति अपने पीछे दो बेटों को छोड़ गए हैं। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है।  

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